नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान में सभी दें योगदान : अरुण जेटली

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गंगा नदी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए शुक्रवार को दुनियाभर के भारतीयों से केंद्र के नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियानों में योगदान देने अपील करते हुए जेटली ने कहा कि गंगा महज धर्म की प्रतीक नहीं है. यह पवित्रता, संस्कृति और भूगोल की प्रतीक है. सबसे बड़ी बात यह हमारी अर्थव्यवस्था के अति महत्वूपर्ण उपकरणों में से एक है. ये बात वित्त मंत्री ने स्वच्छ भारत कार्यक्रम के तहत शौचालयों के निर्माण के लिए माता अमृतानंदमयी से 100 करोड़ रुपये का चेक ग्रहण करने के बाद कही. इसके अलावा मठ की ओर से भी अक्टूबर में 100 करोड़ रुपये में दिए जाएंगे.

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत भारतीय गंगा पर निर्भर करते हैं जो उसके आसपास रहते हैं. हम गंगा पर इतना निर्भर हैं, उसके प्रति इतना समर्पित हैं लेकिन फिर भी हम इस नदी के संरक्षण के लिए कुछ भी नहीं कर रहें है। खासकर कानपुर से लेकर वाराणसी तक तो इसकी हालत बहुत ज्यादा ही खराब है. इस हिस्से में औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट बिना शोधन के गंगा में डाल दिए जाते हैं जो पर्यावरण एवं नदी को दूषित करते हैं.

अमृतानंदमयी कि सराहना की

माता अमृतानंदमयी की सराहना करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, इससे दुनियाभर में संदेश जाएगा कि जो इस उद्देश्य के प्रति कटिबद्ध हैं, वे योगदान करेंगे. यह महज सरकार का योगदान नहीं है, जो बजट से जाएगा, यह एक अभियान है जो सरकारी अभियान से ज्यादा महत्वपूर्ण है.

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