युद्ध हो या महामारी, हर संकट में मानव सेवा के लिए खड़ी रहती है 'रेड क्रॉस' सोसायटी

नई दिल्ली: मानवीय जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा की मुहीम के साथ वर्ष 1863 में स्थापित किए गए संगठन रेड क्रॉस अपने वॉलेंटियर वर्क यानी स्वयंसेवा के लिए विख्यात है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका हेडक्वार्टर स्विटजरलैंड के जेनेवा में स्थित है। इस संस्था को साल 1917, 1944 और 1963 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है। इस संगठन की स्थापना हेनरी ड्यूडेंट ने की थी, जिनका जन्म आठ मई को ही हुआ था। इसलिए प्रति वर्ष आठ मई को रेड क्रॉस दिवस मनाया जाता है।

यह संस्था युद्ध और शांति के समय विश्वभर के देशों की सरकारों के बीच तालमेल बनाने का काम करती है। इसका मुख्य कार्य मानव सेवा है।  रेड क्रॉस सोसाइटी का मुख्य मकसद युद्ध या विपदा के दौरान होने वाली परेशानियों में राहत देना है। युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सहायता करना और उनका उपचार करना इसके प्रमुख उद्देश्यों में रहा है, जबकि यह संस्था ब्लड बैंक से लेकर कई तरह की स्वास्थ्य और समाजसेवाओं में अपनी भूमिका निभा रही है।

मानव सेवा को अपना बुनियादी कार्य मानने वाली यह संस्था महामारी जैसी आपदा में भी पीड़ितों की मदद करती है। सफेद पट्टी पर लाल रंग का क्रॉस का चिह्न इस संस्था का निशान है, जिसका दुरूपयोग करने पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है और यहां तक कि दोषी व्यक्ति की संपत्ति भी ज़ब्त की जा सकती है। आपको बता दें कि, साल 1934 में 15वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में रेड क्रॉस सोसाइटी के सिद्धांतों को मान्यता मिली, जिसके बाद इसे पूरी दुनिया में लागू किया गया। 

पाकिस्तान में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटे, वहीं भारत में इससे सरकारी खजाने भरने की कवायद

GSK ने हिन्दुस्तान यूनिलीवर की अपनी हिस्सेदारी बेची, 25480 करोड़ रुपये में हुई डील

SBI ने अपने ग्राहकों को दिया बड़ा तोहफा, क़र्ज़ पर घटाई ब्याज दर

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -