पुण्यतिथि: युवाओं की भूख मिटाने वालों में से थे नेहरू

भारत एक है ऐसा है, देश जहाँ हमेशा से किसी न किसी की नजर रही है, 1947 से पहले कई सालों तक अंग्रेजों का शासन रहा, उससे पहले भी हमारा देश गुलामी की जंजीरों में बंधा था. 1947 के बाद देश जैसे आजाद हुआ, पंडित जवाहर लाल नेहरू नाम का एक नेता इस देश में पहले प्रधानमंत्री के रूप में युवाओं में छा गया. 

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू आजादी से काफी समय पहले से उस समय के युवाओं की पहली पसंद थे, इसका सीधा सा कारण था उनकी सोच, जिससे युवा उनसे आकर्षित होते थे. आज जरूर देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू के बारे में लोग राजनैतिक फायदा उठाने के लिए बेतुकी से बातें करते पाए जाते थे. लेकिन असल सत्य कुछ और ही है जो भगत सिंह ने 1928 में  'किरती' नामक पत्र में लिखा था, नेहरू के लिए भगतसिंह की सोच भी शायद एक कारण रही होगी कि जो युवाओं में नेहरू की लोकप्रियता को और बढ़ाती थी. 

इस पत्र में भगतसिंह लिखते है कि नेहरू अंतराष्ट्रीय सोच के नेता है, साथ ही देश के युवा जब असहयोग आंदोलन के असफल होने से निराश थे ऐसे में भगतसिंह ने युवाओं को नेहरू के नेतृत्व में काम करने हौसला जगाया. भगतसिंह के अनुसार नेहरू एक ऐसा नेता के रूप में युवाओं के काम आ सकते है, जो उनकी राजनैतिक भूख को मिटाने का काम करेंगे, यही कारण था कि नेहरू को स्वतंत्र भारत में पहले प्रधानमंत्री का दर्जा मिला. 

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