आतंकी सेना के जवानों को बना रह थे निशाना, शहीद का बेटा आर्मी कैंप में ले रहा था ट्रेनिंग

भोजपुर: रविवार को कश्मीर के उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले में भोजपुर जिले के जवान अशोक सिंह वीरगति को प्रतप्त हो गए है. पिता की शहादत के बाद अशोक सिंह का बेटा भी पाने पिता के नक़्शे कदमो पर चल कर देश सेवा के लिए आर्मी कैंप में ट्रेनिंग ले रहा है. इससे पहले शहीद अशोक सिंह के बड़े भाई कामता सिंह भी आतंकी हमले में 27 साल पहले 1989 में शहीद हो गए थे.

जिस समय उरी में आतंकियों ने सेना के जवानों पर हमला किया. उस समय शहीद अशोक सिंह के बड़ा बेटा विशाल  दानापुर स्थित रेजिमेंट में सेना की ट्रेनिंग ले रहा था. वह भी अपने पिता और चाचा के नक़्शे कदमो पर चलते हुए देश सेवा में अपना जीवन न्योछावर करना के लिए तत्पर है. 

शहीद अशोक सिंह के बड़े भाई कामता सिंह भी सेना में थे. 27 साल पहले आतंकियों ने फिर भारतीय सेना के जवानों को अपना निशाना बनाया था. 1989 में आतंकियों द्वारा राजस्थान में सेना पर हमला किया गया था. जिसमे अशोक सिंह के बड़े भाई कामता सिंह शहीद हुए थे. आज फिर इतिहास ने खुद को दोहराया है. अशोक के पिता जगनारायण सिंह की आंखो में एक बार फिर से 27 साल पुराना मंजर दिख रहा है. अपने दो बेटों को देश पर कुर्बान कर चुके पिता भी फूट-फूट कर रो रहे हैं.  

बता दे की अशोक सिंह का पूरा परिवार देश सेवा में जुटा है. बड़े भाई कामता सिंह ने देश के लिए शहादत दी तो बेटा विकास, भतीजे विनोद और ददन के अलावा उनके साले भी आर्मी में हैं. ससुर आर्मी से रिटायर कर चुके हैं जबकि अशोक सिंह के चाचा भी आर्मी में ही थे.

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -