जापान के सर्वश्रेष्ठ सम्मान से नवाजे जाएंगे संगीतकार AR रहमान

जापान के सर्वश्रेष्ठ सम्मान से नवाजे जाएंगे संगीतकार AR रहमान

नई दिल्ली : बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक, पारंपरिक गायन से लेकर पाश्चात्य गायन तक में अपनी गायकी का लोहा मनवाने वाले संगीतकार ए आर रहमान को जापान के शीर्ष सांस्कृत्क सम्मान ग्रांड फुफुआको पुरस्कार 2016 से नवाजे जाने वाले है।

यह पुरस्कार उन्हें संगीत के जरिए एशियाई संस्कृति में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दिया जा रहा है। इस सम्मान के तहत रहमान को फ्राम द हार्टः द वर्ल्ड ऑफ ए आर रहमान्स म्यूजिक विषय पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया है।

फुफुआको पुरस्कार समिति के सचिवालय ने रहमान के अलावा फिलिपीनी इतिहासकार ए आर ओकांपो और पाकिस्तानी शिल्पकार यास्मीन लारी को बी इस सम्मान के लिए चुना है। ग्रांड फुफुआको पुरस्कार की शुरुआत 1990 में जापान के फुफुआको शहर में हुई थी।

हर साल दिए जाने वाले इस सम्मान का उद्देश्य एशिया की अनोखी और विविधतापूर्ण संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए काम करने वाले लोगों, संगठनों और समूहों के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना है।

मणिरत्नम की फिल्म रोजा से करियार की शुरुआत करने वाले रहमान से पहले सितार वादक रवि शंकर, नृत्यांगना पद्मा सुब्रह्माण्यम, इतिहासकार रामचंद्र गुहा और रोमिला थापर, सरोद वादक अमजद अली खान, आशीष नंदी, पार्थ चटर्जी, वंदना शिवा और नलिनी मालिनी इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाले अन्य भारतीय हैं।

रहमान ने रंगीला, बॉम्बे, दिल से, ताल, लगान, रंग दे बसंती, दिल्ली 6, रॉकस्टार, हाईवे और तमाशा में अपने संगीत का जादू बिखेरा है। उऩ्होने फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर में जय हो...गीत भी गाया था, जिसने दो एके़डमी और एक गोल्डन ग्लोब ट्रॉफी जीती थी।