रिटायरमेंट के बाद भी रिश्वत ले रहा था आरएएस का अधिकारी, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार

Nov 21 2020 04:31 PM
रिटायरमेंट के बाद भी रिश्वत ले रहा था आरएएस का अधिकारी, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को राजस्थान के बाड़मेर जिले में रिश्वत खोरी के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बी एल सोनी ने बताया कि 30 अक्टूबर को बीकानेर में उपनिवेशन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए आरोपी प्रेमाराम परमार ने पौंग बांध परियोजना से विस्थापित लोगों को नहरी जमीन आवंटित करने के बहाने बिचौलियों के माध्यम से भारी रिश्वत ले रहे पूर्व सैनिक, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज विस्थापितों और भूमिहीन किसानों को रिटायरमेंट से ठीक पहले की शिकायत के बाद लिया था। अधिकारियों ने शनिवार को बताया। 

सोनी ने आगे कहा, वह रिटायरमेंट के बाद भी रिश्वत ले रहा था। उन्होंने बताया, शुक्रवार रात एसीबी की एक टीम ने उन्हें बाड़मेर स्थित उनके आवास पर एक बिचौलिए नजीर खान से 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।

सोनी ने बताया कि एबीसी टीम ने बाद में बाड़मेर, जयपुर और जोधपुर में उसके घरों की तलाशी ली और जालोर में 36 बीघा के फार्महाउस के दस्तावेज, जेवरात और महंगी शराब के 20 लाख रुपए नकद बरामद किए। एडीजी एसीबी दिनेश एमएन ने बताया परमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अलग से मामला भी दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि बिचौलिया विस्थापित लोगों के नाम पर जमीन आवंटित करवाता था और बाद में इसे ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों को या तो छोटी-मोटी मात्रा में या बंजर जमीन दी गई।

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