सिर्फ मुंबरेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में ही नहीं, बल्कि मुंबई की झीलों में भी जहर घोलने का था षड्यंत्र

Jul 27 2019 11:41 AM
सिर्फ मुंबरेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में ही नहीं, बल्कि मुंबई की झीलों में भी जहर घोलने का था षड्यंत्र

मुंबई: एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) द्वारा पकड़े गए 10 आईएसआईएस संदिग्‍धों से पूछताछ में लगातार हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. पहले इन लोगों से बताया था कि इनकी महाराष्‍ट्र के मुंब्रेश्‍वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाकर सीरिया भाग जाने की योजना थी. किन्तु अब इनकी तरफ से एक और बड़ा खुलासा हुआ है. उनके मुताबिक वे केवल महाप्रसाद में ही जहर नहीं मिलाना चाहते थे, बल्कि उनकी साजिश मुंबई शहर की उन झीलों में भी जहर मिलाने की थी, जिनसे मुंबई के घरों को पीने का पानी सप्‍लाई होता है. 

एटीएस द्वारा दर्ज की गई चार्जशीट के अनुसार, आईएसआईएस समर्थक तल्हा पोट्रिक नाम के आरोपी ने बड़े हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मुंब्रा इलाके में ही महाप्रसाद में जहर मिलाने का षड्यंत्र रचा. चूंकि बाजार से जहर हासिल करना बेहद कठिन था. ऐसे में तल्हा को एक ऐसे शख्स की तलाश थी, जिसे केमिकल के सम्बन्ध में अच्छी जानकारी हो. उसकी तलाश पूरी हुई और उसने मुंब्रा के ही एक 32 वर्षीय अबु किताल उर्फ जम्मान नवाब खुटेउपाड़ को अपनी टीम का सबसे खास सदस्य बना लिया.

पेशे से फार्मसिस्ट होने के कारण अबु किताल के लिए लोकल मार्केट से खतरनाक केमिकल हासिल करना बेहद सरल था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि केवल महाप्रसाद ही नहीं, इनकी साजिश में मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में भी जहर घोलने का प्लान शामिल था, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके. 

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