धरती पर मंडरा रहा एक और बड़ा खतरा, कमज़ोर हो रहा पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र

नई दिल्ली: कोरोना महामारी का खतरा अभी टला नहीं कि एक और बड़ा संकट दुनिया के सामने मंडरा रहा है. हम सभी ने पढ़ा है कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र (Earth magnetic field), सौर विकिरण (solar radiaton) से हमारी रक्षा करता है. किन्तु यही चुंबकीय क्षेत्र अब कमजोर (Earth magnetic field Weakening) हो रहा है.  रिपोर्ट की मानें तो, पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र, पिछली दो शताब्दियों में अपनी 10 फीसद तीव्रता खो चुका है.

उल्लेखनीय है कि पृथ्‍वी पर जीवन के लिए चुंबकीय क्षेत्र बेहद आवश्यक है. चुंबकीय क्षेत्र पृथ्‍वी को सूर्य से होने वाले विकिरण और अंतरिक्ष से निकलने वाले आवेशित कणों (Charged Particles) से बचाता है. अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के बीच एक बड़ा क्षेत्र जिसे दक्षिण अटलांटिक विसंगति (South Atlantic Anomaly) कहा जाता है, वहां इसमें तेजी से गिरावट दर्ज की गई है. इस क्षेत्र में विगत 50 वर्षों में एक बड़े हिस्से में बड़ी तेजी से कमी देखी गई है.

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के वैज्ञानिक स्वार्म डेटा, इनोवेशन एंड साइंस क्लस्टर (DISC) से विसंगति पास स्टडी करने के लिए ESA के स्वार्म सैटैलाइट के डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये स्वार्म सैटैलाइट पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को बनाने वाले अलग-अलग चुंबकीय संकेतों को पहचान और माप सकते हैं. विगत पांच सालों में, अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिम की तरफ कम तीव्रता का एक दूसरा केंद्र विकसित हुआ है. शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि इसका मतलब यह हो सकता है कि विसंगति दो विभिन्न कोशिकाओं में विभाजित हो सकती है.

क्या नए सुरक्षा कानून के खिलाफ हांगकांग में उठने वाली है आवाज ?

एम्बर को खोजने के लिए अलर्ट जारी, जानकारी मिलने पर यहां करें सूचित

OIC बैठक में पाक को झटका, मालदीव बोला- भारत में कोई 'इस्लामोफोबिया' नहीं

 

न्यूज ट्रैक वीडियो

- Sponsored Advert -

Live Election Result

Gujarat BJP CONGRESS
182 157 16
Himachal Pradesh CONGRESS BJP
68 39 26

Most Popular

- Sponsored Advert -