गाँधीजी और नेहरूजी से तुलना करते हुए नेताजी को उतनी प्रतिष्ठा नहीं मिली है : अनीता बोस फाफ

जिस प्रकार गाँधीजी को सम्पूर्ण भारतवर्ष मे बापू के नाम से जाना जाता है, उसी प्रकार से नेहरू जी को भी पूरे भारतवर्ष मे चाचा के नाम से जाना जाता है, परंतु नेताजी सुभाष चन्द्र बोसजी को इसी प्रकार से किसी तरह की उपाधि से नहीं नवाजा गया है। लगता है जैसे कि, उनका अस्तित्व अब धीरे-धीरे सिमटते जा रहा है। नेताजी ने भी भारत कि स्वतन्त्रता मे भी उतनी ही भूमिका निभायी है, जितनी कि गाँधीजी एवं नेहरूजी ने निभायी है। फिर भी सरकार उन्हे याद करते हुए, किसी उत्तम उपाधि से क्यो नहीं सम्मानित करती है?

इस प्रश्न को पहले नेताजी के पौत्र चन्द्र कुमार बोस तथा बाद मे उनकी पुत्री अनीता बोस फाफ ने पिछली सरकारो से किया था। अनीता बोस फाफ ने एक इंटरव्यू जो कि उनके अपने घर(स्टैनबर्ग) से दिया था। उसमे उन्होने कहा था कि, उनकी जयंती के दिन सरकारी छुट्टी न रखने के अलावा उन्हे सम्मानित करने के और भी कई तरीके हो सकते है। 

उन्होने इस इंटरव्यू मे यह भी कहा था कि, मै अपनी माँ के जीवन चरित्र पर एक पुस्तक लिखना चाहती हूँ। उन्होने जापान के एक मंदिर रैंकोजी मे रखी अपने पिता की अस्थियो का डीएनए परीक्षण करने की मांग की है। उन्होने नेताजी से जुड़ी फाइलो को सार्वजनिक करने पर खुशी जताई है, परंतु उन्हे इस बात की शंका भी है कि, उन फाइलो को पड़ने पर लोगो के मनो मे कई अनसुनी घटनाए राज कर सकती है।

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