पुणे में मंदिर की जमीन पर दो दरगाहें बनाई गईं, मनसे का दावा

पुणे: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने चौकाने वाला दावा किया है। जी दरअसल मनसे का कहना है कि, 'महाराष्ट्र के पुणे शहर में पुण्येश्वर मंदिर की जमीन पर दो दरगाहें बनाई गई हैं।' जी दरअसल मनसे महासचिव अजय शिंदे ने बीते रविवार को कहा कि, 'उन्होंने पुण्येश्वर मुक्ति (मंदिर की भूमि मुक्त) अभियान शुरू किया है और लोगों से मंदिर की भूमि को बहाल करने में राज ठाकरे की नेतृत्व वाली पार्टी की लड़ाई का समर्थन करने की अपील की।' इसी के साथ ज्ञानवापी मस्जिद के हालिया सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि, 'हिंदुत्व पर राज ठाकरे के रुख के मद्देनजर सरकार ने जागना शुरू कर दिया है।' इसी के साथ मनसे महासचिव अजय शिंदे ने यह भी कहा कि, 'ज्ञानवापी की तरह हम भी पुणे के पुण्येश्वर मंदिर के लिए लड़ रहे हैं।'

इसके अलावा शिंदे ने यह भी दावा किया कि, 'खिलजी वंश के शासक अलाउद्दीन खिलजी के एक कमांडर ने पुणे में पुण्येश्वर और नारायणेश्वर मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था और बाद में जमीन पर दरगाहों का निर्माण किया गया था।' वहीं दूसरी तरफ ज्ञानवापी केस के बारे में बात करें तो भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी केस में खुद को पक्षकार बनाने की मांग की है। जी हाँ और इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि 1991 में बना प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट मस्जिदों पर लागू नहीं होता।

उनका कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर उनकी धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा है। सदियों से वहां भगवान आदि विशेश्वर की पूजा होती रही है। यह सम्पत्ति हमेशा से उनकी रही है। इसी के साथ वकील उपाध्याय ने कहा कि किसी भी स्थिति में संपत्ति से उनका अधिकार नहीं छीना जा सकता। आगे उन्होंने कहा कि किसी भी मंदिर में एक बार प्राण प्रतिष्ठा हो जाए तो उसके कुछ हिस्सों को नष्ट करने या फिर स्वरूप बदलने से उसमें परिवर्तन नहीं आता।

संजय राउत को भरना पड़ेंगे 100 करोड़ ? भाजपा नेता की पत्नी ने भेजा 'मानहानि' का नोटिस

'मातोश्री कोई मस्जिद है क्या, हनुमान चालीसा पढ़ना गुनाह क्यों ?' , उद्धव सरकार पर राज ठाकरे का हमला

गरिमा परिहार के प्यार में पागल हुए पवन सिंह, एक्ट्रेस का हुआ बुरा हाल

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -