अमेरिका की चीन-पाक को दो टूक, कहा - ASAT भारत का हक़

Apr 12 2019 12:51 PM
अमेरिका की चीन-पाक को दो टूक, कहा - ASAT भारत का हक़

वाशिंगटन: भारत के अंतरिक्ष में ASAT परीक्षण को लेकर अब अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने भारत का पक्ष लिया है। पेंटागन ने कहा है कि भारत ने अंतरिक्ष में संकट के प्रति चिंतित होकर एंटी सेटेलाइट का परीक्षण किया था। 27 मार्च को भारत ने लो ऑर्बिट में मिसाइल से सेटेलाइट को मार कर अंतरिक्ष की दुनिया में कीर्तिमान रच दिया था।

उल्लेखनीय है कि यूएस, रूस और चीन के बाद भारत ये परीक्षण करने वाला चौथा देश बन चुका है। अमेरिकी स्ट्रैटेजिक कमांड कमांडर जनरल जॉन ई हयटन ने गुरुवार को बताया है कि, भारत की ASAT परीक्षण पर पहला सवाल यह खड़ा होता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इसका जवाब यह है कि भारत अंतरिक्ष में अपने देश के लिए भावी खतरे को लेकर चिंतित था। जनरल हेटन ने सीनेट ऑर्म्डे सर्विस कमिटी ने कहा है कि, इसीलिए अंतरिक्ष में भारत ने खुद को सुरक्षित रखने की क्षमता प्रदर्शित करने की आवश्यकता महसूस हुई होगी। सीनेटर्स ने उनसे भारत को एंटी सेटेलाइट मिसाइल परीक्षण की आवश्यकता पर सवाल किया था।

भारत के ASAT परीक्षण के बाद अमेरिकी स्पेस एंजेसी नासा ने इसे खतरनाक प्रयोग करार देते हुए कहा था कि इस परीक्षण के बाद अंतरिक्ष में मलबे के 400 टुकड़े फैल गए हैं। इनमें से 24 टुकड़े ISS की एपोजी से ऊपर जा रहे हैं जो कि खतरनाक साबित हो सकते हैं। जनरल हेटन ने अंतरिक्ष में गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियम बनाने की वकालत की थी। पेंटागन कमांडर ने कहा है कि मेरी राय में सबसे पहले अंतरिक्ष में कचरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियम बनाए जाने चाहिए। मैं अंतरिक्ष में और कचरा नहीं चाहता हूं।

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