कोरोना: रसातल में पहुंची अमेरिका की इकॉनमी, 2014 के बाद पहली बार माइनस में GDP ग्रोथ

वाशिंगटन: दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस के सामने रेंगती हुई नजर आ रही है. इस वायरस के कारण अमेरिका में 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं देश में बेरोजगारी भी 90 साल के उच्च्तम स्तर पर है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 के फर्स्ट क्वार्टर यानी जनवरी से मार्च के बीच अमेरिकी जीडीपी ग्रोथ रेट लुढ़क कर - 4.8 फीसदी पर आ गई है.

इससे पहले, 2019 की अंतिम तिमाही में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ रेट 2.1 फीसदी रही थी. साल 2014 के बाद पहली दफा अमेरिकी विकास दर नकारात्मक हुई है, उस दौरान ग्रोथ रेट -1.1 फीसदी रही थी. इससे पहले, साल 2008-09 की वैश्विक मंदी में लगातार चार तिमाही तक अमेरिका GDP ग्रोथ रेट माइनस में रही थी. आपको बता दें कि अमेरिका में कैलेंडर ईयर और फाइनेंशिल ईयर एक ही होता है. वहीं भारत में फाइनेंशियल ईयर अप्रैल से आरम्भ होता है और अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है.

अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए ये बुरी खबर है. ये आंकड़े मंदी की तरफ इशारा कर रहे हैं. अगर आने वाले महीनों में स्थिति में सुधार नहीं होता है तो ये वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय होगा. दरअसल, अमेरिका से भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है. इन देशों के पेशेवरों की नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है, जो ठीक नहीं है. आपको बता दें कि भारत की आईटी कंपनियों की आमदनी का लगभग 80 फीसदी भाग अमेरिका और यूरोप से आता है.

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