निर्धारित हुआ अमरनाथ यात्रा का कार्यक्रम, 1 जुलाई से निकलेगा पहला जत्था

नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से आरंभ होगी. गत वर्ष की तुलना में 14 दिन की कटौती के साथ इस वर्ष यात्रा 46 दिन की होगी. जबकि गत वर्ष यह यात्रा 60 दिन तक चली थी. यात्रा 15 अगस्त श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन पूरी होगी. राजभवन के एक अधिकारी ने गुरुवार को जनलरी देते हुए बताया है कि राजभवन में अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अध्यक्ष जम्मू में राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नेतृत्व में एसएएसबी की 36 वीं बैठक में यह फैसला लिया गया है.

बोर्ड अनंतनाग जिले में पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले में बालटाल मार्ग पर सालाना तीर्थयात्रा का प्रबंधन करता है. राजभवन के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि, श्री श्री रविशंकर समिति के नजरिये के आधार पर बोर्ड ने 46 दिनों की इस यात्रा का निर्णय लिया गया. जो हिंदू कैलेंडर के मुताबिक मासिक शिवरात्रि के दिन एक जुलाई को आरंभ होगी और श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन त्यौहार के दिन 15 अगस्त को समाप्त हो जाएगी.

इस समिति की सिफारिशों पर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अहम निर्णय लिए गए। बोर्ड को इस तीर्थयात्रा की अवधि और कार्यक्रम के संबंध में हिदायत देने के लिए श्री श्री रविशंकर समिति गठित की गई है. इस यात्रा के दौरान हर दिन दोनों मार्गों की क्षमता और बुनियादी ढांचों के मद्देनज़र उन पर रोजाना पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500-7500 यात्रियों को जाने की इजाजत होगी. इसके साथ ही  पंजतरणी हेलीकॉप्टर सेवा से श्रद्धालु सीधी यात्रा कर सकते हैं.

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