मुलायम परिवार में मिले सुलह के संकेत, बर्खास्त मंत्री वापस बहाल होंगे

लखनऊ : कल सोमवार को लखनऊ के सपा कार्यालय में पारिवारिक कलह का जो दृश्य पूरे देश ने देखा उसने द्वापरयुगीन महाभारत की याद दिला दी. सत्ता के लिए मचे  इस संग्राम में मानो दोनों पक्ष कौरव-पांडव बन गए. धृतराष्ट्र की लाचारी की तरह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह चाचा शिवपालसिंह और भतीजे अखिलेश यादव को गले मिलाने के बाद दिल नहीं मिलने से दोनों के बीच हुई तू-तू, मैं-मैं के साथ हुई धक्का-मुक्की को देखते रहे जिसने परस्पर सम्मान की सारी सीमाएं लाँघ दी. भतीजे अखिलेश यादव, अमरसिंह पर आरोप लगाते रहे तो वर्चस्व के मोह में मुलायम अपने 'अमर प्रेम' को तरजीह देते हुए अपने सीएम पुत्र की उपेक्षा करते रहे. आखिर में इस महा बैठक का अंत आपसी तनातनी और गुस्से में रुखसत होने के साथ हुआ.

बाद में जब गुस्सा शांत हुआ तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने शाम को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाने और चाचा-भतीजे में सुलह कराने की कोशिशें की जाने लगी. कल दिन भर चले सियासी ड्रामे के बाद रात तक बैठकों का दौर चला, लेकिन चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव में सुलह ना हो सकी. शिवपाल और अखिलेश हम साथ साथ हैं के बजाय अकेले हम, अकेले तुम की तरह नजर आए.

समाजवादी सूत्रों के अनुसार दोनों बैठकों में मुलायम सिंह ने चाचा-भतीजा के सामने सुलह का वही प्रस्ताव रखा जो वो पहले रख चुके हैं. सरकार अखिलेश चलाएं, पार्टी शिवपाल, लेकिनअखिलेश जानते हैं कि चुनावी के समय पार्टी सरकार पर हावी हो जाती है और अखिलेश किसी सूरत में चाचा को हावी नहीं होने देना चाहते, लेकिन सुलह प्रयासों के बीच आज सुबह यह खबर मिली हैं कि चाचा- भतीजा में सुलह होने के संकेत मिल रहे हैं.

बताया जा रहा हैं कि सीएम अखिलेश यादव द्वारा अपने मंत्रिमंडल से जिन चार मंत्रियों को बर्खास्त किया हैं उनकी पुनः मन्त्रिमण्डल में वापसी हो रही हैं, जिनमें शिवपाल यादव भी हैं. आज शाम तक यूपी के इस पारिवारिक सत्ता संग्राम में क्या प्रगति होगी यह देखना दिलचस्प होगा.

बेटा अखिलेश, मोदी जी से सीखों जरा

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -