'पेड़ के नीचे पत्थर रखो, झंडा लगाओ, बन गया हिन्दुओं का मंदिर...', अखिलेश यादव की अपमानजनक टिप्पणी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ज्ञानवापी में शिवलिंग पाए जाने के दावे के बीच हिंदू धर्म पर विवादित टिप्पणी की है। अखिलेश यादव ने कहा है कि हिंदू धर्म में तो ये है कि कहीं पर भी पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर रख दो, एक झंडा लगा दो बस मंदिर बन गया। उन्होंने सर्वे रिपोर्ट अदालत में पहुँचने से पहले उसकी जानकारी बाहर आने पर आपत्ति जाहिर की है। इसके साथ ही अयोध्या मामले पर कहा कि उस समय भी प्रतिमा को अंदर रखा गया था।

 

प्रेस वार्ता के दौरान सपा मुखिया ने कहा कि, 'हमारे धर्म में तो कहीं भी पत्थर और लाल झंडा रख दो तो वहीं पर मंदिर बन जाता है। लोग वहाँ पूजा भी करने लगते हैं, भाजपा इस पूरे मुद्दे को जानबूझकर बढ़ा रही है, ताकि लोगों का ध्यान महंगाई और बेरोजगारी से हट जाए। यह मामला अदालत में है, तो कोर्ट ही इस पर फैसला देगी।' अखिलेश ने राम मंदिर के फैसले पर भी सवाल उठाए और ऐसे दिखाया कि हिंदुओं ने जोर जबरदस्ती करके उस जगह को छीन लिया है।

उन्होंने भाजपा से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा है कि, 'अयोध्या में भी मूर्ति को रखवाया गया था। भाजपा जानबूझकर माहौल खराब करना चाहती हैं। असल मुद्दों से ध्यान भटकाकर वह धर्म जाति और धर्म के मुद्दों में लोगों को उलझाना चाहती है।' बता दें कि, यूपी चुनाव के दौरान इन्ही अखिलेश यादव ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए थे और कहा था कि, 'अगर हमारी सरकार होती तो हम कबसे राम मंदिर बनवा देते।' खैर, अब चुनाव निकल गए हैं और अखिलेश की गरज भी, शायद इसीलिए वे अपनी असली विचारधारा पर वापस आ गए हैं, जैसे उनकी पार्टी पहले भी राम मंदिर का विरोध किया करती थी। 

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