चरखे से अखिलेश चला रहे चक्कर

लखनऊ : सपा उत्तरप्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने में लगी है। वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार अपने इस कार्यकाल के अंतिम दौर में सरकार जनता के लिए विकास और सुविधाओं का पिटारा खोल देना चाहती है। ऐसे में मु ख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनता के सामने चरखे का नया दांव चला है। दरअसल उन्होंने चरखे से निकलने वाले सूत और खादी को नया आयाम देने की बात कही है तो दूसरी ओर उन्होंने बुंदेलखंड की महिलाओं को मुफ्त चरखा देने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री अखिलेश  यादव ने अपने सरकारी आवास पर बांदा की 25 महिलाओं और झांसी की 50 महिलाओं को विशेष चरखा भेंट किया। महात्मा गांधी के मंत्र से सीएम अखिलेश यादव पार्टी के लिए सफलता का परिणाम निकालने का प्रयास करने में लगे रहे। उन्होंने बुंदेलखंड के सातों जिलों और अन्य पिछड़े क्षेत्रों में चरखा बांटने की तैयारी करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि सरकार मुफ्त में चरखा भी बांट सकती है। उनका कहना था कि वे युवाओं को लैपटॉप भी वितरित कर सकती है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि खादी को विकसित करना उनकी प्रमुख जवाबदारी है।

जिसकी शुरूआत किए जाने की वे बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से वे राजनीति में आए हैं तब से खादी का मोटा कपड़ा पहनते हैं। इस दौरान उन्होंने रोचक अंदाज़ में अपने अनुभव सुनाए और कहा कि जब उन्जहोंने पहली बार खादी पहनी थी तो धुलाई में पायजामा छोटा हो गया था। फिर जब पायजामा दूसरी बार धोया गया तो फिर छोटा हो गया। अब खादी को समय के अनुसार विकसित किया जाना जरूरी है। उनका कहना था कि नेशनल इंस्टिट्युट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी फेब्रिक्स और कलर की दिशा में काम किया जा रहा है। खादी युवाओं को समीप लाने का कार्य कर रही हैं

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