एक आशियाना अपना होता

एक आशियाना अपना होता

तू चाँद में रौशनी होता।

सातवे आसमान पर

एक आशियाना अपना होता।

देखती ये दुनिया दूर से तुझे

पर पास से देखने का हक़

तुझ पर सिर्फ मेरा होता।