हवाई जहाज़ के ऑक्सीजन मास्क से सिर्फ 15 मिनट ही रह सकते हैं जीवित, जानें फैक्ट्स

हवाई जहाज़ के ऑक्सीजन मास्क से सिर्फ 15 मिनट ही रह सकते हैं जीवित, जानें फैक्ट्स

आज के समय में व्यक्ति हवाईयात्रा करना पसंद करता हैं क्योंकि इसकी वजह से कम समय में अधिक दूरी वाली जगह पर पहुंचा जा सकता हैं जो कि सुविधाजनक साबित होता हैं. हवाई जहाज़ में बैठने का सपना हर किसी का होता है और  हर कोई बैठना चाहता है. आपने भी कभी ना कभी हवाईयात्रा का सफ़र तो किया ही होगा या आप हवाईयात्रा से जुड़ी कई बातों के बारे में जानते होंगे. लेकिन आज हम आपको हवाईयात्रा से जुड़ी जिन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं वे अपनेआप में बहुत ही रोचक और अनसुनी हैं. जान लें अगर हवाई जहाज़ में बैठने जा रहे हैं. 

- हवाई जहाज में इमरजेंसी (आपातकाल) के समय जो ऑक्सीजन मास्क यात्रियों को दिए जाते हैं, उसके सहारे यात्री सिर्फ 15 मिनट ही जिंदा रह सकते हैं. 

- साल 1953 से पहले हवाई जहाज की खिड़कियों के कोने चौकौर होते थे, लेकिन एक दुर्घटना की वजह से बाद में खिड़कियों को गोल बनाया जाने लगा, क्योंकि गोल किनारे हवा का ज्यादा विरोध नहीं करते और इससे विमान पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. 

- हवाई यात्रा के दौरान लोग ज्यादा गैस छोड़ते हैं. इसलिए हवाई जहाज में दुर्गंध को कम करने के लिए चारकोल फिल्टर का इस्तेमाल किया जाता है.

- हवाई सफर के दौरान हमारा खाने का स्वाद बदल जाता है, क्योंकि एयरलाइंस में दिए गए खानों में ज्यादा नमक का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन विमान में दबाव ज्यादा होने की वजह से हमें स्वाद में इसका पता नहीं चलता है. 

- कहा जाता है साल 1987 में अमेरिका के एक व्यक्ति ने एक एयरलाइन को 69 लाख रुपये हवाई जहाज का आजीवन पास बनवा लिया था, जिसकी बदौलत 2008 तक उसने 10 हजार से ज्यादा बार विमान का सफर किया. इससे कंपनी को एक अरब 42 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसके बाद कंपनी ने उस व्यक्ति का पास रद्द कर दिया. 

- हवाई जहाज में पायलट और को-पायलट को अलग-अलग तरह का खाना दिया जाता है. ऐसा इसलिए कि दोनों पायलट एक जैसा खाना खाकर बीमार न हो जाएं. मान लीजिए जो खाना पायलट को दिया जाता है, अगर उसमें कुछ गड़बड़ है तो एक जैसा खाना खाकर दोनों के दोनों पायलट बीमार हो सकते हैं. ऐसी स्थिति विमान में बैठे यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकती है.

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