इस कारण घट रही मध्यप्रदेश के लोगों की औसत उम्र

Dec 08 2018 02:16 PM
इस कारण घट रही मध्यप्रदेश के लोगों की औसत उम्र

 मध्यप्रदेश के लोगों की औसत उम्र दूषित हवा में सांस लेने के कारण 1.9 साल घट गई है। वर्ष 2017 में प्रदेशभर में 83,045 लोगों की जान वायु प्रदूषण के कारण हुई है। यह आंकड़ा चिंताजनक है, क्योंकि प्रदेश में रोजाना 3,116 लोगों को वायु प्रदूषण से होने वाली 8 बीमारियों के कारण अस्पताल जाना पड़ता है। यह निष्कर्ष विश्व के प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द लैंसेट में वायु प्रदूषण के असर पर निकली एक रिपोर्ट में निकाला गया है। 6 दिसंबर को प्रकाशित रिपोर्ट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिल एंड मिलेंडा गेट्स फाउंडेशन के एक्सपर्ट ने तैयार किया है। 

यह है प्रदुषण के कारण
वक्त पर सफाई नहीं होना, उखड़ी हुई सड़कें, डिवाइडर पर फैली मिट्‌टी, अनियंत्रित तरीके से होती भवनों की तुड़ाई और निर्माण, कचरे को जलाकर नष्ट करने की प्रवृत्ति इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में घर के अंदर ठोस ईधन का इस्तेमाल लोगों को प्रदूषित वायु से होने वाली बीमारियों के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है।

वही यदि बात प्रदेश की करें तो यंहा घरेलू वायु प्रदूषण की स्थिति ज्यादा खतरनाक है। दूषित वायु के कारण होने वाली कुल मौतों में से 39895 घरेलू वायु प्रदूषण के कारण हुई हैं। वहीं 37774 मौतें एंबिएंट एयर पॉल्यूशन से हुई हैं। वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के कारण रोजाना 3116 लोगों को अस्पताल जाना पड़ता है। 1591 हाउसहोल्ड पॉल्यूशन तो 1416 एंबिएंट एयर पॉल्यूशन के कारण बीमार हैं।

राजस्थान चुनाव: संदिग्ध हालत में सड़क पर पड़ी मिली ईवीएम, निर्वाचन विभाग में मचा हड़कंप

एम् एस धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी की ऋषभ पंत ने, पकड़े एक पारी में छह कैच

इन्होंने खोज निकाली माइक्रोसॉफ्ट में खामी, मिला लाखों का रिवार्ड