सरकार से बोले कोरोना वारियर्स- हमे इस्तेमाल किया हुआ टिश्यू पेपर न समझें

सरकार से बोले कोरोना वारियर्स- हमे इस्तेमाल किया हुआ टिश्यू पेपर न समझें

नई दिल्ली: वंदे भारत मिशन के तहत पूरी दुनिया के विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश ला रहे एअर इंडिया के पायलटों ने वेतन गणना को लेकर नागरिक उड्ड्यन मंत्रालय से नाराजगी जाहिर की है. रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने एअर इंडिया प्रबंधन को पत्र लिखकर कहा है कि पायलटों को सैलरी उनके विमान उड़ाने के वास्तविक घंटे के आधार पर दिया जाए.

मीडिया से बातचीत करते हुए एक पायलट ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि एअर इंडिया प्रबंधन उनका मजाक बना रही है. इस पायलट ने कहा है कि, "अब तक सरकार हमें कोविड वॉरियर्स बताती रही है, हमें कहा जा रहा है कि हम देश के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ हमारे साथ जो व्यवहार किया जा रहा है वो शर्मनाक है." एक दूसरे पायलट ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि सरकार का यह प्रस्ताव हमें हतोत्साहित करता है, हम प्रबंधन को कहना चाहते हैं कि वह हमसे उपयोग किए हुए टिशू पेपर की तरह बर्ताव न करें.

4 जून को एक आंतरिक पत्र में पायलटों के संगठन ने कहा कोरोना महामारी के दौर में हम अपनी चुनौतियों और मुश्किलों के बारे में सरकार को बता रहे हैं, अभी काम करना हमारे लिए दिमागी रूप से और शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है. हमारे कई पायलट कोरोना संक्रमित हो रहे हैं. हमने प्रबंधन से मांग की है कि मार्च महीने का भत्ता हमारे लिए जल्द से जल्द जारी किया जाए, इसके अतिरिक्त कुछ कुछ पायलट जो शर्ते पूरी नहीं कर पाएं हैं उन्हें भी राहत दी जाए.

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