सामाजिक कार्यकर्ता और आर्यसमाजी नेता के साथ-साथ शिक्षक और वकील भी रहे थे स्वामी अग्निवेश

जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, सुधारक तथा आर्यसमाजी नेता स्वामी अग्निवेश का आज ही के दिन जन्म हुआ था, स्वामी अग्निवेश शिक्षक तथा अधिवक्ता भी रहे थे। उन्होंने एक राजनीतिक दल आर्य सभा का आरम्भ किया था तथा आपातकाल के पश्चात् हरियाणा में बनी सरकार में मंत्री रहे। बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध उनकी दशकों की मुहिम तो जगजाहिर है। उन्होंने 1981 में बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन का आरम्भ किया। 

वही 80 के दशक में उन्होंने दलितों के मंदिरों में प्रवेश पर लगी पाबंदी के खिलाफ आंदोलन चलाया था। उन्होंने कन्या भ्रूणहत्या के विरुद्ध चलाए गए एक अभियान में भी भाग लिया था। नोबेल की तर्ज पर दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड से सम्मानित स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुआई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन तथा जनलोकपाल आंदोलन में भी भाग लिया था। हालांकि बाद में आपसी मतभेदों के चलते वह आंदोलन से दूर हो गए थे। कहा जाता है कि पीएम को लोकपाल के दायरे में रखने को लेकर ये मतभेद सामने आए थे। 

उन्होंने उस वक़्त अरविंद केजरीवाल पर धन के गबन का आरोप लगाया था। तत्पश्चात, उन्होंने यहां तक बोल दिया कि केजरीवाल समाजसेवी अन्ना हजारे की मौत चाहते थे। हरियाणा के पूर्व MLA अग्निवेश ने 1970 में राजनीतिक दल आर्य सभा की स्थापना की थी, जो आर्यसमाज के सिद्धांतों पर आधारित थी। वे सर्वधर्म समभाव के लिए पूरी जिंदगी एक्टिव रहे। वह 1977 में वह हरियाणा विधानसभा में MLA चुने गए तथा हरियाणा सरकार में शिक्षामंत्री भी रहे। वह कई बार अपने बयानों की वजह से भी चर्चाओं में रहे थे। जुलाई 2018 में स्वामी अग्निवेश पर झारखंड के पाकुड़ में हमला भी हुआ था, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं।

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