सिगरेट ही नहीं बल्कि अगरबत्ती के धुंए से भी हो सकता है कैंसर

सिगरेट ही नहीं बल्कि अगरबत्ती के धुंए से भी हो सकता है कैंसर

आज तक आपने ये तो सुना होगा कि सिगरेट के सेवन या उसके धुंए से कैंसर का खतरा हो सकता है लेकिन हम आपको आज एक ऐसी चीज़ के बारे में जिससे सिगरेट से भी ज्यादा कैंसर होने का खतरा होता है. ये एक ऐसी चीज है जो आप रोजाना अपने घर में सुबह-शाम इस्तेमाल करते हैं. हमारे धर्म में भगवान की पूजा करने को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है और पूजा करने के लिए लोग अगरबत्ती का काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. अगरबत्ती ना केवल धार्मिक कार्यों में बल्कि आपके जीवन में शांति और समृद्धि का भी संचार करती है. अगरबत्ती जलने के बाद इससे जो महक निकलती है वो पूरे घर के माहौल को खुशनुमा बना देती है और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करती है. लेकिन क्या आपको पता है कि अगरबत्ती के धुआं सिगरेट के भी धुंए से ज्यादा खतरनाक होता है?

सुनकर भले ही आप हैरान हो गए हो लेकिन ये सच है. एक रिसर्च के अनुसार अगरबत्ती के धुंए में जो छोटे-छोटे पार्टिकल्स मौजूद होते हैं वो हवा में मिल जाते हैं. इन सभी पार्टिकल्स में कुछ ऐसे टॉनिक्स मिलते हैं जो इंसानी शरीर के अंदर सेल्स को नुकसान पहुंचाते है. चीन में साल 2015 में हुई रिसर्च के अनुसार अगरबत्ती में 3 तरह के टॉनिक्स पाए जाते हैं जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. इन टॉनिक के कारण शरीर के अंदर जो जीन मौजूद होते हैं उनका रूप बदल जाता है जो कैंसर का पहला स्तर होता है.

मनुष्य के शरीर में जेनेटिक म्यूटेशन के कारण डीएनए में जो बदलाव होता है वो सही नहीं होता है. जब भी हम लोग अगरबत्ती से निकलने वाले सुगंधित धुंए को सूंघने की कोशिश करते हैं तो वो धुआँ हमारे शरीर में फेफड़े तक पहुँचता है जो सास को परेशानी देना शुरू कर देता है. इस धुंए के अंदर 64 प्रकार के कण पाए जाते हैं जो साँस लेने की प्रक्रिया को रोकते हैं. ये कण कई बार इंसानी शरीर के लिए खतरनाक भी साबित हो सकते हैं इसलिए अगरबत्ती से निकलने वाला धुआँ हानिकारक साबित हो सकता है.

जितनी छोटी होगी ड्रेस उतना ही ज्यादा देना होगा टैक्स

इस कैफ़े में चाय-कॉफी के साथ परोसे जाते हैं सांप और अजगर

यहां के जंगल में जाने से ही दूर हो जाती हैं बीमारियां

?