भिंडरावाले को लेकर भड़की हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों में बनी सहमति

Jun 06 2015 09:42 AM
भिंडरावाले को लेकर भड़की हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों में बनी सहमति

जम्मू : जम्मू कश्मीर में खालिस्तान समर्थित उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर को हटाए जाने को लेकर हिंसा भड़क उठी। इस दौरान जम्मू के पुलिस अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया। दूसरी ओर जम्मू में पुलिस और सिख प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति बन गई। तो दूसरी ओर इंटरनेट सेवा बहाल हो गई। मामले में युव सिख प्रदर्शनकारियों द्वारा जम्मू - पठानकोट हाईवे पर जम्मू के डीएसपी मोहम्मद रफीक की सुरक्षा व्यवस्था में लगे सिपाही जोगिंदर पाल को चाकू मार दिया गया। प्रदर्शनकारी इस जवान की एके - 47 राईफल लेकर फरार हो गए। यही नहीं कठुआ के मीरपुर के निवासी पाल को जीएमसी चिकित्सालय में दाखिल करवाया गया। यही नहीं सिपाही की हालत भी स्थिर बताई गई है।

मामले को लेकर पुलिस ने कहा है कि एके - 47 राईफल को जब्त कर लिया गया है तो दूसरी ओर हमलावारों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर में हिंसा भड़कने के साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा फोन पर चर्चा कर कहा गया कि केंद्र से पूरी मदद का भरोसा दिलवाया गया है तो दूसरी ओर दिल्ली में सिख समुदाय पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। वर्ष 1984 के दौरान अमृतसर में किए गए आॅपरेशन ब्लू स्टार की बरसी मनाने को लेकर सिख समुदाय द्वारा सतवारी के रानीबाग क्षेत्र में भिंडरावाले का पोस्टर लगाया गया था। पुलिस द्वारा इस पोस्टर को हटवा दिया गया था।

जिसे लेकर प्रदर्शनकारी उग्र हो उठे और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। इस दौरान सिख प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैसे के गोले दागे गए। उल्लेखनीय है कि इस फायरिंग में एक युवक की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार अलग खालिस्तान की मांग करने वाले जरनैलसिंह भिंडरावाले को 1984 के आॅपरेशन ब्लू स्टार के तहत मार दिया गया था। यही नहीं 6 जून को सिख संगठनों द्वारा आॅपरेशन ब्लू स्टार को शहीद दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान प्रतिवर्ष 6 जून को जरनैल सिंह की मौत को याद किया जाता है।