रोमानिया में मिसाइल सक्रिय करने से अमेरिका से खफा है रुस

नई दिल्ली: अमेरिका और रुस एक बार फिर आमने-सामने है. रोमानिया में मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर यूएस और रुस के बीच विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. इस गरमा-गरमी के बीच रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वो हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

उनका देश उभरते खतरों को बेअसर कर देगा. दरअसल रुस मानता है कि अमेरिका रोमानिया स्थित सैन्य ठिकानों को इसलिए खोलने जा रहा है ताकि वो रुस की परमाणु शक्ति को कमजोर कर सके. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा रूस की बढ़ती आक्रामक सैन्य गतिविधियों पर चिंता जता चुके हैं।

पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन नाटो ने कहा है कि इस सैन्य संगठन का मकसद पूर्व की ओर से आने वाले खतरों को रोकना है. गुरुवार को अमेरिका ने दक्षिणी रोमनिया के देवेसेलु में 80 करोड़ डॉलर की लागत से एस मिसाइल डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया है।

रुसी अफसरों के साथ बैठक में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि यह कोई रक्षा तंत्र नहीं है, बल्कि अमेरिका बाहरी इलाकों में परमाणु रणनीतिक संभावनाओं को तलाश रहा है. दूसरी ओर स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड के नेताओं के साथ व्हाइट हाउस में एक बैठक के बाद बराक ओबामा ने कहा, “बाल्टिक क्षेत्र में रूस की बढ़ती आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता है और इस मामले में हम एक साथ हैं।

ओबामा ने कहा कि हम मौजूदा बातचीत को जारी रखेंगे और रुस से हमें सहयोग की उम्मीद है।

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