कृषि कानून रद्द हुए, अब धारा 370 बहाल कराने और CAA रद्द कराने की बारी ?

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा किए जाने के बाद अब सोशल मीडिया में धारा -370 और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल, सात वर्षों में पहली दफा सरकार ने विरोध प्रदर्शन के कारण किसी कानून को वापस लिया है, ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या अगली बारी धारा-370 और CAA को रद्द करने की होगी ?

 

गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर पीएम मोदी ने आज तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की. इन तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली के अलग-अलग सरहदों से लेकर कई राज्यों में भी आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन के एक साल पूरे होने से पहले ही मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है.

 

इस घोषणा के बाद अब जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को वापस लागू करने और CAA को वापस लेने की मांग तेज होने लगी है. हालांकि, कुछ ऐसे लोग भी हैं जो कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के समर्थन में नहीं हैं, उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के चक्कर में धारा-370 बहाल करने और CAA रद्द करने का फैसला भी मत कर लीजिएगा.

 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त 2019 को संविधान की धारा-370 हटा दी गई थी. धारा 370 के जरिए जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला था. जम्मू-कश्मीर का अलग ध्वज और अलग संविधान हुआ करता था. रक्षा, विदेश और संचार के विषय छोड़कर सभी कानून बनाने के लिए राज्य की इजाजत आवश्यक थी. लेकिन इसके खिलाफ भी काफी नेताओं ने आवाज़ उठाई थी और धारा 370  बहाल करने की मांग की थी. वहीं, CAA के समय भी शाहीनबाग़ में महीनों तक आंदोलन चला था, लेकिन सरकार नहीं झुकी. ऐसे में अब सोशल मीडिया यूज़र्स सरकार से कह रहे हैं कि कृषि कानून तक तो ठीक है, लेकिन कहीं चुनाव के चक्कर में धारा 370 बहाल करने और CAA रद्द करने का फैसला मत ले लेना.

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