नरेंद्र गिरी केस: आनंद गिरी को विशेष सुरक्षा देने की मांग, वकील बोले- उनकी जान को खतरा

नई दिल्ली: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में अरेस्ट किए गए आरोपी आनंद गिरि (Anand Giri) और आद्या तिवारी (Aadya Tiwari) ने अपनी जान खतरे में होने की बात कही है. वकील ने आनंद गिरि की जान को खतरा होने का दावा किया है. उन्हें CJM कोर्ट में एक आवेदन लगाकर आनंद गिरि और आद्या तिवारी को विशेष सुरक्षा देने की मांग की है.

आनंद गिरि और आद्या तिवारी के वकील ने प्रयागराज में CJM कोर्ट में एक अर्जी दायर की है. इसमें उन्होंने दावा किया है कि उनके क्लाइंट्स को जब कोर्ट में पेश किया गया था, तब उनके साथ कुछ लोगों ने मारपीट और बदसलूकी की थी. ऐसे में आशंका है कि जेल के भीतर या जेल से अदालत लाते समय उनपर जानलेवा हमला हो सकता है. उनके वकील ने मांग की है कि अदालत प्रयागराज के SSP और सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट को आदेश दे कि आनंद गिरि और आद्या तिवारी को जेल के भीतर और जेल से कोर्ट लाते वक़्त विशेष सुरक्षा दी जाए. 

महंत नरेंद्र गिरि की मौत 20 सितंबर को हुई थी. पुलिस के अनुसार, उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दी थी. मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने परेशान होने की बात कही थी. सुसाइड नोट के आधार पर अब तक तीन लोगों को अरेस्ट किया गया है. इनमें आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उनके बेटा संदीप तिवारी शामिल है.  

रायमोना नेशनल पार्क के 57 अवैैध शिकारियों ने किया आत्मसमर्पण, असम सरकार ने दी आर्थिक मदद

वरिष्ठ IPS पवन जैन को आज मिलेगा INVC अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, जानिए उनके अहम योगदान

इंटरनेशनल डे ऑफ़ साइन लैंग्वेज: उन लोगों की 'भाषा', जो अपने कानों से नहीं सुन सकते

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -