चाणक्य के अनुसार पूर्वजन्म के पुण्य से मिलती हैं यह 3 चीज़ें

May 21 2019 10:00 PM
चाणक्य के अनुसार पूर्वजन्म के पुण्य से मिलती हैं यह 3 चीज़ें

आप सभी को बता दें कि आचार्य चाणक्य भारत के महान अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ हैं और उन्होंने अपने  बुद्धि बल, ज्ञान और नीतियों से नंदवंश का अंत करके मौर्यवंश की सत्ता स्थापित की. इसी के साथ उनकी नीतियों को अपनाकर आज के समय में भी व्यक्ति अपने जीवन की हर समस्या का सामाधान करके सफल बन सकता है. जी हाँ, ऐसे में आचार्य ने अपनी एक नीति में कहा है कि कई जन्मों के पुण्य के बाद मनुष्य को ये 3 चीजें मिलती हैं. आइए जानते हैं उन चीज़ों के बारे में.

* भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर वरांगना। 
विभवो दानशक्तिश्च नाऽल्पस्य तपसः फलम्॥ इसका अर्थ है अच्छा खाना मिलना बेहतर जिंदगी की निशानी होती है और किस्मत वाले को ही अच्छा भोजन प्राप्त होता है। इसी के साथ जो भी मन खाने का हो, वो अगर मिल जाए तो जिंदगी में इससे बड़ा सुख कोई नहीं होता है और पूर्वजन्म के महान पुण्य से मनुष्य वर्तमान जीवन में संपन्न होता और उत्तम भोजन वस्त्र पाता है।

* चाणक्य ने कहा है किस्मत वालों के पास ही धन और ऐशवर्य होता है और किसी के धनी और समृद्धि होने का मतलब यह है कि व्यक्ति ने पूर्वजन्म में खूब पुण्य अर्जित किए हैं. इसी के साथ कहते हैं पूर्वजन्म में जमा किए गए पुण्य ही मनुष्य को वर्तमान जीवन में धन समृद्ध बनाते हैं.

* कहते हैं चाणक्य के अनुसार जिस पुरुष के पास सुंदर, समझदार और गुणी स्त्री होती है, वह किस्मत का धनी होता है. इसी के साथ स्त्री का केवल सुंदर होना पर्याप्त नहीं है, समझदारी भी बहुत जरूरी है और आज के संदर्भ में बात करें तो किसी भी स्त्री और पुरुष के लिए सुंदर और गुणी जीवनसाथी मिलना पुण्य का फल है.

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