पतंजलि पर फतवे को लेकर आचार्य बालकृष्ण ने साधा मौलवी पर निशाना

नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से पतंजलि के प्रोडक्ट मौलवी के निशाने पर हैं। दरअसल कुछ दिनों पहले पतंजलि के प्रोडक्ट्स को मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा न खरीदे जाने की अपील हरिद्वार के मौलवी ने की थी। उनका कहना था कि पतंजलि अपने प्रोडक्ट्स में गौमूत्र का उपयोग करती है। इस्लाम में गौमूत्र को हराम माना जाता है इस कारण इसके प्रोडक्ट्स का सेवन न किया जाए। इस मामले में मौलवी ने फतवा भी जारी कर दिया था। हालांकि पतंजलि आयुर्वेद ने इस फतवे का विरोध किया है।

इस दौरान योग गुरू बाबा रामदेव के शिष्य आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि आयुर्वेद की ओर से कहा है कि पतंजलि 800 से भी ज़्यादा प्रोडक्ट्स तैयार करता है। इन उत्पादों में केवल 5 उत्पाद ही ऐसे हैं जिनमें गौमूत्र का उपयोग किया जाता है। आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि पतंजलि कोई भी कार्य छुपाकर नहीं करता है। उत्पादों के पैकेट पर गौमूत्र का समावेश होने की बात साफ लिखी जाती है। गौमूत्र हर उत्पाद में नहीं मिलाया जाता है।

उन्होंने कहा कि सच जाने बगैर फतवा जारी करना भी इस्लाम में हराम है। इसलिए सच का पता लगाया जाना चाहिए। आचार्य बालकृष्ण द्वारा यह भी कहा गया कि गरीब मुसलमान भाईयों को अच्छे और शुद्ध उत्पाद मिले ऐसे प्रयास किए जाते हैं। सफाई प्रस्तुत करते हुए बालकृष्ण द्वारा कहा गया कि पहले भी पतंजलि के खिलाफ फतवे जारी हुए। मगर इसके बाद भी लोग प्रोडक्ट्स का उपयोग करते रहे।

आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि पांच प्रोडक्ट के बारे में स्पष्टतौर पर पैकेट्स में वर्णित कर दिया गया है। तमिलनाडु जमात ने पतंजलि के काॅस्मेटिक्स, मेडिसिन और फूड प्रोडक्ट्स के विरूद्ध फतवा भी जारी किया गया। था। मगर पतंजलि ने इस मामले में खुद को सही सिद्ध किया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि बिस्किट, साबुन, शैंपू, मंजन, स्किन क्रीम, बिस्किट, घी, जूस, शहद, आटा, कुकिंग आॅयल आदि उत्पाद बनाती है। 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -