हादसों के लिए जिम्मेदार कौन ? हम या....

Jun 24 2019 06:34 PM
हादसों के लिए जिम्मेदार कौन ? हम या....

नई दिल्ली: आज कल देश के विभिन्न हिस्सों से दुर्घटनाओं और हादसों की खबरें आम हो गई हैं। इनमे अधिकतर हादसे हमारी ही लापरवाही का नतीजा होते हैं। इसी तरह की एक लापरवाही राजस्थान के बाड़मेर जिले से सामने आई है, जिसमे 14 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। दरअसल, यहां एक स्कूल परिसर में रामकथा चल रही थी, बाकायदा टेंट लगाए गए थे। 

किन्तु मौसम बारिश और आंधी की तरफ इशारा कर रहा था। कथा का वचन कर रहे मुरीलधर जी महराज ने इस खतरे को भांप कर श्रद्धालुओं से जल्द से जल्द पांडाल खाली करने को कहा, इतना ही नहीं वे खुद भी मंच से उठकर चले जाते हैं, किन्तु लोग वहीं बैठे रहते हैं। इसी बीच तेज़ हवाएं चलने लगती है और बारिश शुरू हो जाती है, पांडाल में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है और तेज हवाएं आंधी का रूप ले लेती हैं। 

पांडाल आंधी की वजह से लहराने लगता है और कुछ ही देर में पूरा पांडाल नीचे आ जाता है, जिसमे दबकर 18 श्रद्धालुओं की मौत हो जाती है, साथ ही 50 से अधिक घायल भी हो जाते हैं। यह बात तो सच है कि हादसे बोलकर नहीं होते, लेकिन क्या हम अपनी सुरक्षा के लिए पहले से सावधान नहीं रह सकते।

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