अब गिला नहीं

By Rahul Savner
Sep 22 2015 07:37 AM
अब गिला नहीं

हमें अब किसी से गिला नहीं ।

दिल से जिसे चाहा वो तो मिला नहीं।

यह मेरी किस्मत कहु या उसकी बेवफाई।

दुःख के समय एक दीपक मिला ।

पर वो भी जला ही नहीं।

जितना दर्द है इस चेहरे पर, वह बताया नहीं जाता।

किस्सा जितना भी गंभीर हो सुनाया नहीं जाता।

देख लो मुझे जी भर कर, 

बार बार मुर्दे के सर से कफ़न हटाया नहीं जाता।