AAP विधायकों ने राष्ट्रपति के सामने जताया विरोध

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने राज्य में विधायकों को संसदीय सचिव चुने जाने के मसले पर महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भेंट की। आप नेताओं का नेतृत्व दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने किया। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के 35 विधायकों को अयोग्य करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि चार राज्यों में संसदीय सचिव के तौर पर भाजपा और कांग्रेस के विधायक कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लाभ के पद मसले पर राजनीतिक कारणों से 21 आप विधायकों को निशाने पर रखा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, दिल्ली कैबिनेट के मंत्री और पूर्व मंत्री गोपाल राय, कपिल मिश्रा के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट की।

आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को अयोग्य बताने को लेकर इन नेताओं ने विरोध किया। नेताओं ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के 35 विधायकों पर भी इस तरह की आपत्ती उठाई जाना चाहिए। दरअसल इन नेताओं की नियुक्ति पर कोई सवाल नहीं कर रहा है, जबकि ये नेता छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के ही साथ हरियाणा में भी संसदीय सचिव के पद पर कार्य कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौयिा ने कहा कि छत्तीसगढ़ व गुजरात में 11-11 और हरियाणा में 9 व कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में 9 विधायकों को संसदीय सचिव बना दिया गया है, जिस पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सवाल किए और कहा कि ऐसे में इन नेताओं को नोटिस देकर जवाब देने के लिए कहा जाना चाहिए और इन पर भी कार्रवाई होना चाहिए।

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