आदत है तुम्हारी

हर ख़ुशी को तेरी झोली में डाल दू

चाँद तारे भी तेरी झोली में डाल दू

सभी खुशियो को तेरी झोली में डाल दू

इतना काफी है या दो चार झूठ और बोल दू

रूठ जाना आदत है तुम्हारी

दूर जाना फितरत है तुम्हारी

प्यार आखिर प्यार है

सागर की रेत तो नहीं की

नाम लिख कर उसे मिटा देंगे

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