आहार से भी संबंद्ध है ज्योतिष शास्त्र का

लोग यह समझते है कि आहार अर्थात भोजन का संबंद्ध केवल स्वास्थ्य से ही होता है या फिर छोटी मोटी बीमारी या बुखार आदि होने के कारण भूख नहीं लगती। ऐसा तो निश्चित ही होता है लेकिन ज्योतिष शास्त्र में भी भूख न लगने के कारण जुड़े हुये रहते है। इसलिये यदि बहुत अधिक समस्या से परेशान हो रहे हो तो फिर आपको किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लेना जरूरी है। हो सकता है कि आपकी कुंडली में कोई ऐसा ग्रह योग बन रहा हो जिसने आपकी जोरदार भूख को खत्म कर दिया हो या फिर चाह कर भी आप अपनी भूख नहीं मिटा पा रहे हो, इसलिये जातक को अपनी कुंडली के ग्रह योग जरूर दिखना चाहिये।

चिकित्सक यह कहते है कि यदि पेट में आहार नहीं रहता है तो जठराग्नि का वेग उत्पन्न होता है और इस समय भोजन न करने से शरीर शक्तिहीन हो जाता है। कुंडली में ग्रह योग परेशानी का कारण बनता है तो फिर न भूख लगती है और न किसी काम में मन ही लगता है। इसी तरह प्यास का भी संबंद्ध ज्योतिष से जुड़ा हुआ माना जाता है, ऐसा हम नहीं बल्कि ज्योतिष से जुड़े वरिष्ठ विद्वानों का भी मानना है। कहते है कि जब शरीर में स्वाभाविक  मात्रा से तरी कम रह जाती है तब प्यास का वेग उत्पन्न होता है और जीभ सूखने लगती है, इसे रोकने के लिये पानी पीना होता है लेकिन जब ऐसा नहीं किया जाता है तो फिर शरीर में कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होने लगती है। कुछ ग्रह योग ऐसे होते है जो न केवल जातक को बीमार पटक देते है वहीं भूख प्यास भी समाप्त सी हो जाती है।

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