सरकारी महिला कर्मचारी को अवकाश लेने के लिए अब थोड़ी और देनी होगी जानकारी

Feb 24 2016 08:27 AM
सरकारी महिला कर्मचारी को अवकाश लेने के लिए अब थोड़ी और देनी होगी जानकारी

भोपालः सरकारी कर्मचारी महिलाओं को अब थोड़ी सी और परेशानी आ सकती है अवकाश लेने में क्योंकि पहले जो अवकाश दिये जाते थे उसकी शर्तों की जानकारी अधिकारी को भी नहीं थी। और बिना किसी जरूरी बातों को जानते हुए छुट्टी दे दिया करते थे। छुट्टी कि शर्ते कई अफसरों को स्पष्ट न होने के कारण शासन को अलग से आदेश जारी कर यह समझाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार सरकारी महिला को अपने 18 साल से कम उम्र तक के बच्चों की देखभाल के लिए शासन ने अधिकतम 730 दिन कि छुट्टी या अवकाश देने कि सुविधा दे रखी है और यह नियम पिछले साल अगस्त में शरू किया गया था। लेकिन इसकी शर्ते काफी कठिन थी इसलिए अफसरों ने शासन से कुछ सवाल किए थे। और इसी शर्तों के स्पष्टीकरण को लेकर वित्त विभाग ने पिछले साल ही नवंबर में जिले के आला अधिकारीयों को एक पत्र भेजा था। और इसमें कहा गया था कि अवकाश के लिए अलग से कोई भी कारण बताने की आवश्यकता नहीं होगी जो भी कारण होगा वह आवेदन पर ही मान्य होगा और वही अवकाश के लिए पर्याप्त भी होगा।

स्पष्टीकरण ही मान्य नहीं
वित्त मंत्रालय द्वारा जो अवकाश के लिए स्पष्टीकरण दिया गया था। उस पर कुछ अधिकारी बिना प्रमाण के हि छुट्टी का आवेदन मंजूर करना शरू करने लगे। इसकी जानकारी वित्त विभाग के पास भी है। और इसीलिए विभाग के सचिव अनिरूद्ध मुखर्जी को फिर स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। और सभी जगह जारी करने के आदेश दिये इसमें कहा गया कि चाइल्ड केयर लीव की पात्रता के लिए बच्चों की संख्या और आयु का प्रमाण देना ही होगा। इसके बिना अवकाश को  आवेदन मान्य नहीं किया जाना चाहिए |

ये होंगें छुट्टी के पात्र
आपको बता दें कि अधिकारियों को तो शर्तों कि गलतफहमी है कि 18 साल के पहले आवेदन देने पर महिला को 730 दिन के अवकाश की पात्रता होगी। और जब कि स्पष्टीकरण में यह बात उदा. देकर समझाया गया है कि संतान की उम्र अगर साढ़े 17 साल है तो उसे 6 माह की छुट्टी मिल सकती है।

खबर आ रही है कि जिले में स्कूल शिक्षा समेत अन्य विभागों में लगभग 2000 महिला अधिकारी व कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव पर हैं। और करीब 1000 महिलाओं ने अवकाश के लिए अभी भी आवेदन देकर रखें हैं।