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इशरत जहां के मामले में एक बड़ा खुलासा

Feb 26 2016 08:18 AM
इशरत जहां के मामले में एक बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: एक ओर जहाँ अभी इशरत जहां कों लेकर पुलिस और सरकार किसी भी निष्कर्ष पर नही पहुँच पाई हैं, कि इशरत आतंकवादी थी या नही. तो वही दूसरी ओर इस मामलें में पूर्व गृहसचिव जीके पिल्लई नें एक ओर खुलासा किया हैं उन्होंने बताया कि इशरत सें जुड़े मामलें में राजनितिक हस्तक्षेप किया गया था. 

विदित हो कि इशरत जहां का मामला लश्कर आतंकी डेविड हेडली कि गवाही के बाद प्रकाश में आया था. गवाही में हेडली नें बताया था कि इशरत जहां भी लश्कर-ए-तैयबा संगठन सें जुडी हुई थी. तथा लश्कर नें ही उसे भारत में एक नेता कि हत्या करने के लिए भेजा था. एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में पिल्लई ने भी इस बात का खुलासा किया हैं कि लश्कर-ए-तैयबा ने इशरत को शहीद बता कर उसे अपने वेबसाइट पर डाला था लेकिन कुछ देर बाद ही उसे हटा लिया था.

इशरत कि मृत्यु गुजरात में एक मुठभेड़ के दौरान हो गयी थी. पिल्लई  नें इस बात पर भी निशाना साधा हैं कि इस बात कि भी जाँच होनी चाहिये कि वो मुठभेड़ असली थी या फर्जी क्यूंकि अभी सरकार कें पास लश्कर-ए-तैयबा कि वेबसाईट में इशरत का नाम दिखने के अलावा और कोई भी अन्य पुख्ता सबूत नही है जिससे उसे आतंकी साबित करा जा सके. और आतंकी हेडली के बयान के आधार पर किसी भी निष्कर्ष पर नही पहुँचा जा सकता हैं. तो ऐसे में बिना किसी सबूत के इशरत कों आतंकी नही ठहराया जा सकता हैं. पिल्लई नें इस बात पर जोर देते हुए कहा कि कुछ लोग नही चाह रहे हैं कि ये बात सामने आये कि इशरत लश्कर-ए-तैयबा संगठन से जुड़ी थी या नही. इसलिए इस मामलें राजनितिक हस्तक्षेप किया जा रहा हैं.