क्या महिलाओं को मिलेगी 'पेड पीरियड लीव'

Jan 05 2018 06:46 PM
क्या महिलाओं को मिलेगी 'पेड पीरियड लीव'

औरतों के मुश्किल भरे चार दिनों में भी उन्हें घर और बाहर का सारा काम संभालना पड़ता है। पीरियड्स में दर्द के बावजूद उन्हें सैलरी काटने के डर से काम पर जाना पड़ता है। भारत में पहली बार मासिक धर्म से जुड़ा एक बिल संसद के सामने रखा गया है. मेन्स्ट्रुएशन बेनिफ़िट बिल, 2017 नामक इस बिल में कहा गया है कि सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाली महिलाओं को दो दिन के लिए 'पेड पीरियड लीव' यानी पीरियड्स के दौरान दो दिन के लिए छुट्टी दी जानी चाहिए और इन छुट्टियों के बदले उनके पैसे नहीं काटे जाने चाहिए.

 

इसका प्रस्ताव अरुणाचल प्रदेश से सांसद कांग्रेस पार्टी के निनॉन्ग एरिंग ने रखा है. निनॉन्ग एरिंग ने कहा कि, “मैंने अपने आस-पास के अनुभवों को देखकर लाने का ये बिल लाने का फ़ैसला किया.”उन्होने कहा, “एक दिन मैंने ख़बर पढ़ी कि मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी ने महिलाओं को पीरियड के पहले दिन छुट्टी देने का फ़ैसला किया है और यहीं से मेरे मन में बिल का विचार आया." निनॉन्ग ने कहा, "मैं जानता हूं कि एक बड़ा तबका शिक़ायत करेगा कि औरतें जब बराबर हैं तो फिर उन्हें ये ख़ास सुविधा क्यों. पुरुष ख़ुद इस अनुभव से नहीं गुज़रते शायद इसीलिए उन्हें औरतों के दर्द का अंदाज़ा नहीं है." 

 

उन्होंने कहा, "जापान, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में ये पॉलिसी काफ़ी पहले से है और वहां औरतों की काम में भागीदारी कम नहीं है. अगर चीजों को बड़े दायरे में रखकर देखा जाए तो इस पॉलिसी के फ़ायदे ही होंगे, नुक़सान नहीं."

 

 

 

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