जगन्नाथ मंदिर के वो रहस्य, जो आपने कभी नहीं सुने होंगे

भगवान जगन्नाथ की यात्रा 14 जुलाई से शुरू हो रही है और इस यात्रा में लाखो लोग शामिल होने को तैयार हैं. पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर अपने आपमें ही बहुत ख़ास है और इस मंदिर से जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में लोग नहीं जानते हैं. आज हम आपको भगवान जगन्नाथ के मंदिर से जुड़े कुछ ऐसे ही रहस्य बताने जा रहे हैं जिन्हे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे.

जगन्नाथ मंदिर का क्षेत्रफल करीब 4 लाख वर्गफुट तक फैला हुआ है और इसकी ऊंचाई करीब 214 फुट है.

इस मंदिर के पास खड़े होकर आप इसका गुंबद नहीं देख सकते. मंदिर के गुंबद की परछाई किसी भी समय नहीं दिखाई देती वह हमेशा अदृश्य रहती है.

यहाँ पर हवा की दिशा भी बहुत ही अजीब और हैरान कर देने वाली होती है. यहाँ हवा समुद्र से जमीन की तरफ बहती है और कभी ऐसा नहीं होता कि हवा जमीन से समुद्र की तरफ जाए.

आज तक किसी ने कभी भी जगन्नाथ मंदिर के ऊपर कोई पक्षी को उड़ते हुए नहीं देखा है. मंदिर के गुंबद या शिखर के पास आज तक कोई पक्षी या उसकी छाया नजर नहीं आई. ख़ास बात यह भी है कि मंदिर के ऊपर कोई विमान भी नहीं ले जाता.

इस मंदिर का रसोईघर सबसे बड़ा रसोईघर कहा जाता है. यहाँ पर कितने भी भक्त आएं, कभी भी अन्न खत्म नहीं होता.

मंदिर में अगर आप सिंहद्वार से अंदर जाते हैं तो आपको समुद्र की कोई भी आवाज नहीं सुनाई देगी.

इस मंदिर के ऊपर लगा हुआ झंडा उल्टी दिशा में लहराता है.

752 चूल्हों पर बनता है जगन्नाथ रथयात्रा का महाप्रसाद

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