पद्मिनी एकादशी 2018 - इस वर्ष 25 मई को है पद्मिनी एकादशी

इस वर्ष 15 मई, मंगलवार से अधिकमास यानि मलमास का महीना शुरू हो चुका है इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इस मास में भगवन की आराधना और दान पुण्य का दुगुना फल प्राप्त होता है साथ ही इस माह में दो पूर्णिमा और दो अमावस्या का शुभ संयोग भी करीब तीन से चार साल बाद आया है. अधिकमास में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी या कमला ग्यारस के रूप में मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जिस साल भी मलमास या अधिकमास आएगा उस साल इस व्रत को किया जाता है और इसके प्रभाव से व्रती को बैकुंठधाम की प्राप्ति होती है.

इस वर्ष यह दुर्लभ व्रत 25 मई शुक्रवार के दिन आ रहा है.ग्रंथों में इस दिन का  विशेष महत्व है जिसका प्रभाव भी बहुत ही शुभ फल देता है साथ ही इसके फलस्वरूप आपको आपके जीवन कि कई मुलभुत परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है.वैसे तो मलमास का महीना भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है पर इस मास में भगवान शंकर की विशेष आराधना का भी प्रावधान है. 

इस व्रत में भगवान विष्णु और उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है तथा इस दिन जरूरतमंदों को तिल, वस्त्र, धन, फल एवं मिठाई आदि का दान करने के प्रभाव से मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है.द्वादशी तिथि को भगवान का पूजन कर ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद ही यह व्रत सफल होता है. 

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