इस हाल में मध्य प्रदेश में 24 घंटे बिजली कैसे देंगे शिवराज?

इस हाल में मध्य प्रदेश में 24 घंटे बिजली कैसे देंगे शिवराज?

भोपाल : मध्य प्रदेश में राज्य सरकार की मांग के बावजूद केंद्रीय कोल एजेसिंयां प्रदेश को पर्याप्त कोयला नहीं दे पा रही है जबकि केंद्र में बीजेपी सरकार है. ऐसे में भरी गर्मी में बिजली संकट बढ़ने के प्रबल आसार है. वहीं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री कई बार केंद्र को पत्र लिखने और अफसरों के दिल्ली दौरे के बाद भी कोयला नहीं मिलने पर अपना दर्द बयान कर रहे है. ऊर्जा मंत्री के मुताबिक कोयला संकट होने पर भी सरकार निजी क्षेत्र से बिजली खरीद कर कोयला मुहैया कराएगी.थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है.

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के थर्मल पावर प्लांट के लिए कोल कंपनियों से किए गये अनुबंध के बावजूद कहीं आधी मात्रा में तो कहीं आधे से भी कम कोयला मिल रहा है. सबसे ज्यादा संकट जहां है, उनमें अमरकंटक पावर प्लांट, संजय गांधी पावर प्लांट बिरसिंहपुर, सतपुड़ा पावर प्लांट सारनी, सिंगाजी पावर प्लांट खंडवा शामिल है.

दरअसल, मध्य प्रदेश को मनमोहन सिंह सरकार के वक्त भी केंद्र से कोयला नहीं मिलने की शिकायत थी. उस वक्त कोयला स्टॉक को लेकर सीएम शिवराज सिंह ने केंद्र सरकार के खिलाफ उपवास का ऐलान किया था. लेकिन, अब केंद्र में बीजेपी की सरकार होने के कारण शिवराज ज्यादा हाथ पांव नहीं मार पा रहे है. अब देखना दिलचस्प होगा की सूबे को 24 घंटे बिजली देने का ढोल पीटने वाली सरकार इस संकट से कैसे निपटती है.

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