जाने दीपावली मनाने के कई और कारण !!

दीपावली का त्यौहार यूँ तो श्रीराम के अयोधा लौटने के प्रसंग को स्मरण कर मानते है| सांकेतिक अर्थ यही है कि जीवन की दु:ख भरी काली रात्रि में जब ईश्वर का पदार्पण हो जाता है, तो हर अशुभ घड़ी शुभ में परिवर्तित हो जाती है।वंही भारत में हम लक्ष्मी पर्व के रूप में भी दीपावली को मानते है | पर क्या आप जानते है दीपावली मानाने के अन्य धार्मिक, आध्यात्मिक,और सामाजिक कारण |

आइये जाने दिवाली मानाने के अन्य कारण :-

1. इस दिन न केवल प्रभु राम रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे, अपितु इसी दिन तेरह साल बाद पाण्डवों का हस्तिनापुर लौटना हुआ था।

2. भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर इसी दिन हिरण्यकशिपु का वध किया था।

3. इसी दिन उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का राज्याभिषेक हुआ था।

4. जैन धर्म में इस दिन को ही महावीर जी के मोक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

5. इस दिन ही सिक्खों के छठे गुरु श्री हरगोबिन्द सिंह जी ने 52 अन्य राजाओं को  कारागार से मुक्तकिया था। इस कारण से सिक्ख भाई-बहन इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में धूमधाम से मनाते हैं।

6. स्वामी रामतीर्थ जी का जन्म व महाप्रयाण दोनों इसी दिन हुए थे।

7. इसी दिन आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती जी का निर्वाण हुआ था।

8. कठोपनिषद में नचिकेता का प्रसंग वर्णित है। उसके अनुसार बालक नचिकेता ने यमाचार्य के समक्ष आत्मज्ञान की जिज्ञासा रखी। यमाचार्य ने उसे ब्रह्मज्ञान प्रदान कर उसकी इस जिज्ञासा का शमन किया। नचिकेता सत्गुरु रूपी यमाचार्य से आत्मज्ञान प्राप्त कर यमलोक से भूलोक लौटा। उसके लौटने की खुशी में सभी नगरवासियों ने पूरे नगर में दीप जलाए। यह पावन घटना भी दीपावली के दिन ही घटी थी।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -