स्पष्ट सोच और नरम स्वभाव के लिए जाने जाते है गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

Aug 02 2018 12:33 PM
स्पष्ट सोच और नरम स्वभाव के लिए जाने जाते है गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

गुजरात: ​आज गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का 62वा जन्मदिन है। विजय रूपाणी राजनीति में अपनी कूटनीति और हर समुदाय को साधकर रखने के लिए जाने जाते हैं। आज उनके 62वें  जन्मदिन पर हम आपको उनके जीवन परिचय से रूबरू कराते है। विजय रूपाणी ने 26 दिसंबर 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली थी। विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुन लिया था।

विजय रूपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 को बर्मा में मायाबन और रमणिकलाल रूपाणी के घर हुआ था। बाद मे इनका परिवार गुजरात के राजकोट आ गया था। रूपाणी उनकी कॉलेज लाइफ में ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में छात्र कार्यकर्ता के रूप में जुड़ चुके थे। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और जन संघ में वर्ष 1971 में शामिल हो गए और साथ ही भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़ गए थे। रूपाणी को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। मुख्यमंत्री बनने से पहले वे गुजरात भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

विजय रूपाणी की एक खासियत यह भी है कि वो अपनी पार्टी के नए कार्यकर्ताओ की दिल खोल के मदद करते है। मसलन राजकोट मे 2017 रूपाणी ने राजकोट के अपने विधानसभा क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज करने के साथ-साथ राजकोट की अन्य शहरी सीटों पर अन्य बीजेपी प्रत्याशियों की भी मदद की थी, जिस वजह से जिले की आठ सीटों में बीजेपी के खाते में छह सीटें गईं थी।

रूपाणी ने अपने को एक काबिल प्रशासक के तौर पर साबित किया है। वे हर आपदा मे पीड़ितो की मदद करने जरूर जाते है। मसलन सूबे में बाढ़ की स्थिति में लोगों तक पहुंचने में उन्होंने देर नहीं लगाई कई दिनों तक वे पालनपुर में डेरा डाले रहे और बनासकांठा और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का बड़ा और संगठित अभियान चलाया.  

रूपानी गुजरात के ट्रांसपोर्ट मंत्री भी रह चुके हैं और युवाओं में बेहद लोकप्रिय है। कहा जाता कि वे गुजरात की राजनीति को बखूबी समझते हैं। विजय रूपानी को अपने कुशल चुनाव प्रबंधन के लिए भी जाना जाता है। उन्होने 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में सौराष्‍ट्र-कच्‍छ इलाके में चुनाव का संचालन भी किया था, जहां भारी मतों से भाजपा की जीत हुई थी।

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