आज सुबह की बड़ी ख़बरें

Sep 09 2018 10:32 AM
आज सुबह की बड़ी ख़बरें

उत्‍तराखंड : वैज्ञानिकों ने सरकार को चेताया, हो सकती है अब तक की सबसे बड़ी तबाही
देहरादून। साल 2013 में भारी बारिश और भूस्खलन की गंभीर त्रासदी को झेल चुके उत्तराखंड के सर पर अब फिर खतरा मंडराने लगा है। इसे लेकर वैज्ञानिकों ने राज्य सरकार को चेतावनी भी जारी कर दी है। दरअसल इस बार यह खतरा उत्‍तराखंड में भारत और तिब्बत सीमा पर स्थित एक झील की वजह से है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस झील का आकार पिछले 18 वर्षों में लगातार बढ़ता जा रहा है और यह कभी भी फट सकती है। दो ग्लेशियरों के मुहाने पर स्थित यह झील अगर फटेगी तो ये भारी तबाही ला सकती है जो 2013 में आई  तबाही से भी ज्यादा भीषण हो सकती है। 

अब हिमाचल प्रदेश में हड़ताल, यात्रियों को हो सकती है बड़ी परेशानी
शिमला। देश में पिछले कुछ समय से हड़तालों और भारत बंद जैसे मामले बढ़ते ही जा रहे है। बार बार सरकार से गुजारिश करने के बाद भी जब लोगों की मांगे नहीं मानी जाती तब शायद उनके पास एक यही रास्ता बचता है। इस कड़ी में अब एक और हड़ताल देश के उत्तरी राज्य  हिमाचल प्रदेश में भी होने वाली है जिससे आने वाले दिनों में राज्य के यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

एक और बीजेपी मंत्री का विवादित बयान, बोले- सुप्रीम कोर्ट हमारा है
लखनऊ। भारत में चुनावों के नजदीक आते ही सभी राजनैतिक पार्टियां और नेता जनता को लुभाने की हरसंभव कोशिश में जुट जाते है। लेकिन कभी-कभी  कुछ नेता जनता को लुभाने के चक्कर में कुछ ऐसे बयान भी दे देते है जो बाद में उन्ही पर भारी पड़ जाते है। इस कड़ी में हाल ही में यूपी के एक बीजेपी मंत्री ने एक और विवादित बयान दिया है जिसमे उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट को तक अपने अधीन बता दिया है। 

तेलंगाना में टीआरएस को हराने के लिए साथ आए बीजेपी-कांग्रेस
हैदराबाद : तेलंगाना में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस  पार्टियों ने चुनाव प्रचार के लिए कमर कस ली है. कांग्रेस और बीजेपी  दोनों पार्टियों के लीडर कई रैलियों को संबोधित करेंगे. इससे पहले  बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को साफ़  कर दिया कि उनकी पार्टी तेलंगाना में अपना पूरा जोर लगा देगी.

इजिप्ट के फोटो जर्नलिस्ट को हुई 5 साल की जेल
कैरो : इजिप्ट के मशहूर फोटो जर्नलिस्ट महमूद अबू जेद को 5 साल की सजा सुनाई गई है. इनका जुर्म ये था कि विद्रोह में प्रदर्शनकारियों की तस्वीर खींची थी. इन्हें शावकान के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन माना जा रहा है इन्हें जल्दी ही रिहा कर दिया जायेगा क्योंकि पहले वो काफी समय जेल में बिता चुके हैं. दरअसल, साल 2013 में मोहम्मद मोर्सी के खिलाफ देश में हो रहे प्रदर्शन में उन्होंने प्रदर्शनकारियों की तस्वीर खींची थी जिसकी सजा उन्हें सुनाई गई है. लेकिन उन्हें इस सजा से मुक्त कर दिया जायेगा.

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