आसाराम का ठिकाना बनी बैरक नंबर 2

जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को एक नाबालिग लड़की से रेप का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर ही तैयार किए गए कोर्ट में आसाराम फैसला सुनने के बाद वह फूट-फूटकर रोने लगा. थोड़ी देर के लिए आसाराम को वहीं छोड़ दिया गया. फिर वह उठा और अपने बैरक में चला गया. जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि फिलहाल आसाराम को बैरक नंबर 2 में ही रखा जाएगा. बाद में सुरक्षा के नियमों के तहत किस बैरक में शिफ्ट करना है उस पर विचार किया जाएगा.

आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल का खाना नहीं खाता था. लेकिन अब से उसे जेल का ही खाना खाना पड़ेगा. जेल के डीआईजी ने बताया कि आसाराम के कपड़े बाहर से आते थे. लेकिन जेल नियमों के अनुसार अब उसे कैदियों के लिए तय वर्दी पहननी पड़ेगी. डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया कि कल सुबह टेलर आसाराम का नाप लेगा, फिर उसकी वर्दी तैयार की जाएगी. जेल को आश्रम बनाकर अब तक आसाराम मस्ती करता था. जेल सूत्रों के अनुसार, वह अक्सर अजीबोगरीब हरकतें करता रहता था. कभी अचानक भजन गाने लगता है तो कभी तालियां बजाता. 


जेल के डीआईजी ने बताया कि आसाराम आज सुबह 5 बजे ही उठ गया था. कल रात ही उसे बता दिया गया था कि जेल में तैयार अस्थायी कोर्ट में आज सुबह 8 बजे उसके खिलाफ फैसले की सुनवाई शुरू हो जाएगी और वह इसके लिए पहले से तैयार रहे. आसाराम ने 5 बजे जागने के बाद नहा-धोकर पूजा की. करीब 7 बजे उसने घर से खाना आया. नाश्ते में आसाराम ने कुछ फल खाए.

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