9 मई सुबह की बड़ी ख़बरें

कर्नाटक में फूंक-फूंक कर कदम रखती  कांग्रेस 
कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार अंतिम चरण में पहुंच चूका है और बीजेपी के ताबडतोब प्रचार के बीच कांग्रेस एक अलग ही रणनीति के साथ मैदान में है. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने दिल्ली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां चुनाव के वक्त बीजेपी ने शाही इमाम को इसी रणनीति के तहत आम आदमी पार्टी के साथ जोड़ा था लेकिन केजरीवाल उस वक्त समझदार निकले. इसी तरह बिहार में भी बीजेपी ने ऐसी ही कोशिश की थी. यहां तक कहा गया कि महागठबंधन जीता तो पटाखे पाकिस्तान में फूटेंगे. लेकिन उस वक्त लालू और नीतीश की जोड़ी ने कांग्रेस के साथ मिलकर बीजेपी को जीतने नहीं दिया.

अब जज के खिलाफ वकीलों की हड़ताल 
दिल्ली: वकील एक जज से नाराज हो कर हड़ताल पर चले गए हैं है. दिल्ली की एक जिला अदालत में मंगलावर को वकीलों ने हड़ताल कर दी और ये हड़ताल एक जज के खिलाफ है. शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट में चेंबर्स ना मिलने से नाराज वकील हड़ताल पर गए थे. हड़ताल के दौरान बार एसोसिएशन ने वकीलों को सख्त हिदायत दी थी कि वह किसी जज के सामने पेश नहीं होंगे. लेकिन एक महिला वकील जब अपने केस की सुनवाई के लिए जज के सामने पेश होने लगी तो उसे रोका गया और बात इतनी बढ़ गई कि झगड़े तक पहुंच गई.

ईरान के साथ परमाणु समझौता ख़त्म-ट्रम्प 
कल यानी मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु से अलग होने का फैसला कर लिया है. गया है. अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और ईरान जैसे देशो के बीच हुई यह न्यूक्लियर डील साल 2015 में हुई थी जिसे अब अमेरिका ने तोड़ दी. बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए इस समझौते से अगल होने के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए जाएंगे. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस फैसले को बड़ी गलती बताया है. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी की वैश्विक विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी.

अब पाक की जेलों में आतंकियों की ट्रेनिंग  
दहशतगर्दो को भारत में भेजना, POK में ट्रेनिंग कैंप चलाना, आतंक को पनाह और पोषण देने बाद पाक एक कदम और आगे बढ़ रहा है और अब आतंकियों को पनाह देने के लिए पाक ने अपनी जेलों के दरवाजे भी खोल दिए है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अपनी हद पार करते हुए उन आतंकी गुटों को कश्मीर में तबाही मचाने के लिए तैयार कर रहा है जो उसकी जेलों में बंद हैं.

ब्रिटेन में विजय माल्या की एक और हार 
भारत के बैंको से घोटाला कर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या का जीना अब ब्रिटेन में भी दुश्वार हो गया है. एक इंग्लिश अदालत में माल्या भारतीय बैंकों के खिलाफ 1.55 अरब रुपये डॉलर यानी करीब 10 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा हार गया है. भगोड़े विजय माल्या के खिलाफ फैसला सुनाते हुए लंदन कोर्ट ने कहा कि IDBI बैंक समेत सभी लोन देने वाले बैंक भारतीय न्यायालय के आदेश को लागू करा सकते हैं, जिसमें विजय माल्या पर आरोप है कि उसने जानबूझकर अब बंद पड़ी अपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए करीब 1.4 अरब डॉलर का कर्ज लिया था. विजय माल्या पर धोखाधड़ी और भगोड़ा होने के आरोपों के साथ अदालत ने उक्त फैसला किया है. भारत सरकार माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश भी कर रही है.

नवाज शरीफ के खिलाफ 4.9 अरब डॉलर की धांधली की जांच के आदेश 
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सुरक्षा पहले ही हटा दी गई थी साथ ही अब वे पाक सियासत के भी सक्रीय भूमिका में नहीं होंगे अब वे भारत में गैर कानूनी तरीके से 4.9 अरब डॉलर जमा कराने के आरोप में जांच का सामना कर रहे है. सरकार ने इस हेतु जांच शुरू करने के पाकिस्तान की नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) के आदेश को मंजूरी दी है. NAB की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ब्यूरो के चेयरमैन ने उस मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें दावा किया गया है कि नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत में 4.9 अरब डॉलर जमा किए. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का राजनीतिक भविष्य खत्म माना जा रहा है यानी वो अब आजीवन चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.

 

सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मौत

शशि कर्णावत कांग्रेस में शामिल हुई

कमलनाथ के 'नालायक' वाले बयान पर शिवराज का पलटवार

 

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