पाकिस्तान में हिन्दुओं पर नहीं थम रहा अत्याचार, जान बचाकर भारत की शरण में आए 78 परिवार

Sep 12 2019 12:23 PM
पाकिस्तान में हिन्दुओं पर नहीं थम रहा अत्याचार, जान बचाकर भारत की शरण में आए 78 परिवार

नई दिल्ली: पाकिस्तान विश्व भर में जम्मू कश्मीर में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उछाल रहा है, किन्तु उसके जुल्मों-सितम की कहानियां वहां से भागकर भारत में शरण लेने आए पाकिस्तानी नागरिक ही बयां कर रहे हैं. अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान से भागकर भारत आए हिंदू कह रहे हैं कि वहां पर उन पर अत्याचार किया जाता है और भले ही जान चली जाए किन्तु वह पाकिस्तान नहीं लौटेंगे. भारत आए 78 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक अब पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते.

ये लोग कहीं पत्थरों की झोपड़ी बनाकर, तो कहीं खुले आसमान के नीचे अपनी जीवन बसर कर रहे हैं. पाकिस्तान में रहने वाले ये हिंदू अपनी जान बचाकर भारत की शरण में आए हैं. भारत-पाकिस्तान के मध्य चलने वाली थार एक्सप्रेस से ये लोग भारत आए थे. अब ये वापस पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते. हर शख्स के पास अपनी दर्दनाक दास्तां है. कोई कहता है कि वहां पर मुस्लिम जमींदार अपने खेतों में मजदूरी करवा कर पैसे नहीं देते हैं और बंधुआ मजदूर बनाकर रखते हैं, तो कोई बताता है कि गांव में अगर सुंदर बहू-बेटी है तो लोग उसे जबरदस्ती उठाकर ले जाते हैं. ऐसे ही पांच बेटियों के पिता तमाल मेघवाल हैं.

तमाल वहां पर चिकित्सक थे और उनकी अच्छी प्रैक्टिस चल रही थी, किन्तु लोगों से तंग आकर वह भारत आ गए. डॉ. तमाल अब यहां पर 50 पैसे की टॉफी बेचकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं. अधिकतर लोगों का वीजा भी समाप्त होने जा रहा है जिसकी वजह से अब वह अधिक दिन भारत में रह नहीं सकते. दरअसल, भारत सरकार का नियम है कि नागरिकता के लिए 7 वर्ष तक भारत में रहना अनिवार्य है, किन्तु जो लोग अभी भारत में शरण के लिए आए हैं उनके पास किसी भी तरह का ना तो कोई रोजगार है और ना घर है. लिहाजा इनकी जिंदगी बदहाल है.

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