हिमाचल : OMG ! मात्र 22 दिन और 600 जगहों पर आग का कहर

शिमला : पूरा देश जहां भीषण गर्मी से परेशान हैं, वहीं देवभूमि हिमाचल प्रदेश लगातार आग की लपटों से निपट रही हैं. अप्रैल से लेकर मई के 22 दिनों में ही हिमाचल में 600 जगहों पर आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं. इससे न सिर्फ मानव जीवन प्रवभावित हो रहा हैं, बल्कि पशु-पक्षी और प्रकृति को भी भारी मात्रा में नुकसान झेलना पड़ रहा हैं. यह आंकड़ा वाकई चौकाने वाला हैं. गत वर्ष की तुलना में यह आंकड़ा कोषों आगे हैं. गत वर्ष की बात की जाए तो पूरे साल में कुल 670 आग लगने के मामले सामने आए थे. वहीं इस बार केवल अप्रैल से लेकर 22 मई तक 641 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 

आग लगने पर यह सुविधा है उपलब्ध...

अधिकतर आग लगने के मामले हिमाचल में जंगलों में देखने को मिलते हैं. इसके लिए एक टोल फ्री नंबर 18001808097 भी जारी किया गया हैं. इस सम्बन्ध में वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि इस साल सरकार ने वन अग्नि की घटनाएं रोकने के लिए वन अग्नि जागरूकता अभियान प्रदेशभर में चलाया था, इसके तहत 2 वाहनों में वन कर्मी कई दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गए और लोगों को वनों में लगने वाली आग के नुक्सान बताए। प्रदेश भर में लगभग 400 फॉयर वाचर भी इस कार्य के लिए लगाए गए हैं.

क्या है आग लगने के कारण ? 

अधिकतर यह देखने को मिलता है कि स्थानीय लोग अपनी मालिकाना हक़ वाली जमीन पर उगने वाली अनचाही झाड़ियों को हटाने के लिए उनमे आग लगा देते हैं, जिससे कभी-कभी वह आग बेकाबू हो जाती हैं. वहीं कई लोगों द्वारा जानबूझकर यह कदम उठाया जाता हैं. कई लोग इस विचारधारा को भी अपनाते हैं, कि आग लगाने के बाद फसल अच्छी उगेंगी. लेकिन आपको बता दे कि यह अवधारणा गलत हैं. लोगों की इन्ही गलत आदतों के चलते आग जैसी गंभीर समस्या से कई प्रकार के नुकसान झेलने पड़ते हैं.  

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