देश के सबसे छोटे तीरंदाज बने भारत के अर्जुन, ‘बाहुबली’ फिल्म से मिली थी प्रेरणा

आजकल कई लोग हैं जो अपने कारनामों से सभी को हैरान कर जाते हैं। अब ऐसा ही कारनामा एक वाराणसी के नन्हे बालक ने कर लिया है। जी दरअसल वाराणसी के नन्हे बालक ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में 6 साल के अर्जुन ने दो विश्व रिकॉर्ड तोड़कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम लिखवा डाला है। इस बारे में अर्जुन का कहना है कि उन्हें यह प्रेरणा ‘बाहुबली’ फिल्म से मिली। जी दरअसल अर्जुन देश के सबसे छोटे तीरंदाज बन चुके हैं और अब अर्जुन ने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।

आपको बता दें कि 6 साल के अर्जुन ने सबसे कम समय में तीरों से शूट करने के साथ ही रोलर स्केटिंग पर तीरंदाजी कर सबसे ज्यादा स्कोर प्राप्त किया है। अब अर्जुन का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि नन्हे अर्जुन ने अमेरिकी तीरंदाज माइक ट्रोना ओर ऑस्ट्रेलिया के जोसेफ मैकग्रेइल-बेटुप के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि अर्जुन ने ऑस्ट्रेलिया के जोसेफ मैकग्रेइल-बेटुप के सबसे तेज तीर चलाने के रिकॉर्ड को तोड़ा।

बताया जा रहा है अर्जुन में 18 मीटर की दूरी पर रखे 40 सेंटीमीटर के टारगेट पर महज 48।63 सेकेंड्स में 10 तीर चलाए। 6 साल के अर्जुन ने रोलर स्केट्स पर तीरंदाजी करते हुए भी अमेरिकी तीरंदाज माइक ट्रोना का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जी दरअसल, स्केटिंग करते हुए 20 मीटर की दूरी पर रखे 40 सेंटीमीटर के 5 लक्ष्यों को भेदना होता है। इस बारे में अर्जुन का कहना है कि ''मुझे यह प्रेरणा ‘बाहुबली’ फिल्म से मिली। फिल्म देखने के बाद मैंने पापा से जिद की कि मुझे भी धनुष-तीर चाहिए, इसके बाद तीरंदाजी शुरू की।''

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