6 गोलियां खाकर भी 1 घंटे तक आंतकियो से लड़ता रहा ये गरुड़ कमांडो

अंबाला। जिन शहीदों ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी आज उंन्हें शायद कोई याद करने वाला नहीं है,हम आपको याद दिलाना चाहते है पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जिसको आज 1 साल पूरे हो गए और इसी हमले में हरियाणा के 2 वीरो ने आतंकियों से लोहा लेने में अपनी जान की बाजी लगा दी थी।

दरसल 2-3 जनवरी 2016 की रात पठानकोट एयरबेस की वो काली रात थी, जब आतंकियों ने इस पर कब्जा कर लिया था। और लगभग 80 घंटे चली इस फायरिंग और सर्च ऑपरेशन में अम्बाला के गुरसेवक सिंह समेत 7 जवान शहीद हो गए थे,वही अम्बाला के शैलभ गौड़ भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

6 गोलियां खाकर भी हार नहीं मानी-

वही पठानकोट हमले पर विजय हासिल कर चुके अंबाला कैंट के गरुड़ कमांडो शैलभ गौड़ ने खुद उस समय की हकीकत बयां कि-

- शैलभ गौड़ के अनुसार पठानकोट एयरबेस पर हमले के दौरान सबसे पहले हमने और हमारे साथी गुरसेवक सिंह ने आतंकियों पर फायर किये जो झाड़ियों में छिपे बैठे थे।

-तभी आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी तो गुरसेवक सिंह ने उंन्हें (शैलभ को) पीछे की तरफ धक्का देते हुए खुद मोर्चा संभाला और आतंकियों से लोहा लेने की ठानी।

-लेकिन अफसोस की आंतकियो से लोहा लेते-लेते गुरसेवक सिंह शहीद हो गए, यह देख शैलभ आगबबूला हो गए और आतंकियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दिया, और 1 घन्टे तक 6 गोलिंयाँ खाने के बाद भी शैलभ आंतकियो का सामना करते रहे फिर अन्य सैनिको की मदत से इन्हें वहां से निकालकर पठानकोट के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया और 15 दिन आईसीयू में एडमिट रहने के बाद घर लौटे।

 देश सेवा के लिए न्यौछावर हुए  गुरसेवक को शादी के 45वें दिन मिला शौर्य चक्र-

- बता दें कि 2 जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट में इंडियन एयरफोर्स के बेस पर आतंकियों की गोली से शहीद हुए 7 जवानों में एक हरियाणा के गुरसेवक सिंह भी शामिल थे।

1 जनवरी को अंबाला जिले के गरनाला गांव के रहने वाले गरुड़ कमांडो गुरसेवक सिंह को जब हरियाणा के आदमपुर से पठानकोट भेजा गया और उसी रात डेढ़ महीना पहले ब्याही पत्नी जसप्रीत कौर से बात करते हुए गुरसेवक सिंह ने यह कहकर फोन काट दिया, ‘बाद में फोन करूंगा, और अगर फोन नहीं आया तो सो जाना’।

-फिर क्या था गुरुसेवक का कभी फ़ोन नहीं आया क्योकि देश की रक्षा करते हुए गुरुसेवक न्योछावर हो गए और जसप्रीत को खबर तब मिली जब उसने अपना फेसबुक अकाउंट खोला और गुरुसेवक के एक दोस्त की पोस्ट देखी। इसी 15 अगस्त को गुरुसेवक को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया और ठीक इसी के दो दिन पहले इनकी पत्नी जसप्रीत कौर ने एक बेटी को जन्म दिया।

ऐसे वीर शहीदों को हम सबका तहे दिल से नमन...!!!

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