इस साल अपने पांचवें जन्मदिन से पहले ही हो जाएगी 59 लाख बच्चों की मौत

ह्यूस्टन : संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा हाल ही में यह बात जाहिर की गई है कि लगभग 59 लाख बच्चों की मौत उनके 5 वें जन्मदिवस से पूर्व ही हो जाएगी। इस दौरान कहा गया है कि इन मौतों का कारण बीमारियां हैं। जिसका उपचार संभव बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1990 में शिशु मृत्युदर में करीब 50 प्रतिशत तक की गिरावट होने पर खुशी जताई मगर यह भी कहा गया कि 2015 में यह आंकड़ा 60 लाख तक पहुंच गया। जिस पर चिंता जताई गई। 

बच्चों के लिए कार्य करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनीसेफ ने कहा कि सप्ताह में जारी की गई रिपोर्ट में यह कहा गया कि रोज पांच से कम साल की आयु में 16 हजार बच्चों की मृत्यु हो जाती है। बड़े पैमाने पर बच्चे मौत का शिकार हो जाते हैं जिसमें आधे नवजात शिशुओं की मौत का कारण होते हैं और करीब 45 प्रतिशत की मौत जीवन के प्रारंभिक 28 दिनों में होती है। यही नहीं यूनीसेफ की उपकार्यकारी निदेशक द्वारा कहा गया कि वर्ष 1990 में बाल मृत्युदर में कमी आई ।

उल्लेखनीय है कि PM नरेंद्र मोदी ने करीब 14 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के बीच भारत में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्वस्थ्य प्रजनन को लेकर किए जाने वाले कार्यों का उल्लेख किया था। उन्होंने बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ अभियान की बात की थी यही नहीं उन्होंने कहा था कि स्वस्थ्य मातृत्व को लेकर कई योजनाऐं संचालित की जा रही हैं। जिसे यूएन ने सराहा है।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -