पानी के कारण कुंवारी है इस गांव की आधी आबादी

पानी की किल्लत देश में हर जगह है और गर्मी में ये एक भीषण समस्या का रूप ले लेती है. पानी के लिए झगड़ो की ख़बरें भी अब आम हो चुकी है. मगर यदि किसी गांव के लड़को की शादी पानी के कारण नहीं हो तो खबर जरा गंभीर हो जाती है. झांसी के एक गांव में पानी की कमी के चलते लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है. इस गांव के लोग घंटों कतार में खड़े रहकर बमुश्किल पानी हासिल करने की जद्दोजहद से जूझते हैं.

पानी के लिए इस संघर्ष को देखते हुए दूसरे इलाके के लोग यहां अपनी लड़कियां नहीं ब्याहना चाहते. जल है तो कल है मगर यहाँ तो जल है तो ही पिलाने वाली है वाली कहावत बन गई है. गांव के 50 फीसदी युवक इसलिए अब कुंवारे हैं, क्योंकि यहां उन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद ही चंद बाल्टी पानी नसीब हो पता है. झांसी जिले के गढ़मऊ गांव में पानी के हाथो में युवाओं के वैवाहिक जीवन की बागडोर आ गई है. जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र सिंह को इस बात से अवगत करा दिया गया है. गांव के ही एक कुवांरे युवक ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पानी की किल्लत की वजह से यहां कोई अपनी बेटी नहीं ब्याहना चाहता. जो भी रिश्ते आते हैं, पानी की समस्या को जानकार शादी करने से इनकार कर देते हैं.

उनका कहना रहता है कि पानी की समस्या है. शादी के बाद उनकी लड़की क्या नल पर लाइन लगाने जाएगी? गांव के युवाओं का कहना है कि दो-दो- घंटे लाइन में लगने के बाद कहीं जाकर एक बाल्टी पानी मुहैया हो पाता है. अब पानी के कारण इस गांव में शहनाइयों की गूंज नहीं सुनी जाने की नौबत आ गई है. गांव के कुंवारो की सारी उम्मीदे अब पानी पर टिकी है.  

 

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